हरियाणा के यमुनानगर में महज एक घंटे की बारिश ने एक बार फिर नगर निगम के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलकर रख दी. शहर की गलियां जलमग्न हो गईं और सड़कें भी किसी नदी से कम नजर नहीं आ रही थीं. ऐसे में जहां यह बारिश लोगों के लिए राहत बनकर आई, वहीं कामकाज के लिए घरों से निकले लोगों के लिए आफत साबित हुई. हालांकि बारिश थम गई, लेकिन इसके काफी देर बाद तक भी गलियों और सड़कों से पानी निकलने का नाम नहीं लिया.
महज एक घंटे की बारिश में सड़कों पर पानी आया नजर
यमुनानगर में जब-जब बारिश हुई है, तब-तब नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई है. इसके बावजूद नालों की ठीक तरह से सफाई नहीं हो सकी. लिहाजा आज महज एक घंटे की बारिश ने फिर से जलभराव की समस्या को सामने ला दिया. सड़कों पर पानी पूरी रफ्तार से बहता नजर आया, जबकि गलियां भी किसी छोटी नदी से कम नहीं लग रही थीं. कई जगहों पर सड़कों पर तालाब जैसा माहौल बन गया.
सोमवार (14 सितंबर) का दिन होने के कारण लोगों को समय पर काम पर पहुंचना था, लेकिन जलभराव ने उनके लिए परेशानी खड़ी कर दी. गलियां और सड़कें पानी से लबालब थीं. यहां तक कि निचले इलाकों में स्थित लोगों के घरों में भी पानी दस्तक दे चुका था. वहीं, सीवरेज ओवरफ्लो होने के कारण गंदा पानी भी सड़कों पर आ गया, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं.
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नगर निगम की ओर से जलभराव से निपटने के केवल दावे
नगर निगम की ओर से बार-बार जलभराव से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश के बाद जमीनी स्थिति कुछ और ही नजर आती है. आज भी निगम के दावे धराशायी होते दिखाई दिए. एक तरफ बारिश का पानी और दूसरी तरफ सीवरेज का गंदा पानी लोगों के लिए मुसीबत बना रहा. ऐसे में अगर बारिश पूरे दिन होती, तो यमुनानगर में हालात और गंभीर हो सकते थे. फिलहाल बारिश के बाद तापमान में भी काफी गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है.
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Input By : परवेज खान