[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


हरियाणा की कैथल अनाज मंडी में बारिश के कारण जल भराव के चलते सरकारी लापरवाही सामने आई है. जिससे मंडी में शेड की व्यवस्था नहीं होने के चलते किसानों कि मंडी में पड़ी फसल खराब हो गई. वहीं समय पर धान उठान न होने के चलते और खरीदी गई धान की भरी भराई बोरियां पानी में भीगकर मंडी में ही अंकुरित हो गई हैं.

सरकार ने जहां किसानो से MSP पर धान खरीद के लिए 17% नमी की मात्रा तय की है, वहीं सरकार ने अपने माप दंडों पर ख़रीद हुई धान को ही पानी में भिगो दिया. सरकार इसी धान को राइस मिलरों को देकर चावल निकलवाती है जो बाद में सरकारी राशन की दुकानो और मिड डे मील में स्कूलों में सप्लाई किया जाता है.  मंडी सुपरवाइजर बलबीर सिंह ने कहा कि किसान धान मंडी में सुखाकर लाएं.

यह भी पढ़ें: सोनीपत: गोशाला में पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो सगे भाई, हुई मौत

किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता 

किसानों को धान की फसल को मेहनत से तैयार कर मंडी तक पहुंचाने वाले किसानों को अब अपनी उपज की गुणवत्ता खराब होने और आर्थिक नुकसान होने की आशंका सता रही है. मंडी में सही रख रखाव न होने के चलते किसानो कि सूखी हुई फसल भी खराब हो गई. जिसे किसान अब जमीन पर बिखरा कर पैरों से सुखाने की कोशिश कर रहे हैं.

मंडी में धान लेकर पहुंचे राजेन्द्र ने बताया कि धान को सूखा रहा हूं.  समय पर बिक्री नहीं हुई अब बरसात के कारण मंडी में भीग गई है. अब पैरों के साथ सूखा रहा हूं/ उन्होंने बताया कि जब मैं मंडी में धान लेकर आया तो मेरी धान बिल्कुल सूखा था,  मैं तीन दिन से मंडी में हूं. अब बरसात होने के कारण गीली हो गई है. अब ख़रीदार अपनी मर्जी से खरीदना चाहता है. सरकार MSP का ढिंढोरा पीट रही है जबकि खरीदार इसे 2100 में खरीदना चाहता है. 

इसके अलावा यही कहानी प्रेम,बख्सीश सिंह और मोहन की भी, ज्यादातर किसानों का धान मंडी में बारिश से भीग चुका है. धान अंकुरित होने लगे, लेकिन मंडी अधिकारियों की सुस्ती के चलते किसानों का नुकसान बढ़ता जा रहा है.

SDM का दावा उठान में तेजी चल रही 

किसानों की चिंता से बेफिक्र एसडीएम संजय सिंह ने कहा कि मंडी में जल भराव की कोई सूचना नहीं मिली है रुर मंडी में उठान भी तेजी से चल रहा है. उन्होंने किसानों की समस्याओं पर कोई गंभीरता नहीं जाहिर की.

धान मंडी में गीला होकर अंकुरित हो रहा है और सुस्ती के चलते उठान भी नहीं हो रहा, लेकिन मंडी अधिकारियों की लापरवाह जस की तस है. जिसके कारण किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

यह भी पढ़ें: नूंह: गौ-तस्कर के एनकाउंटर पर हंगामा, अंतिम संस्कार से परिजनों का इनकार



Source link