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ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वाली कंपनी जोमैटो ने अपने प्लेटफॉर्म पर एनालॉग डेयरी से बनी डिश बेचने पर रोक लगा दी है. कंपनी ने कहा है कि इस मामले में उसकी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी रहेगी. नियम तोड़ने वाले रेस्टोरेंट की लिस्टिंग हटाई जा सकती है.

किन डिश को हटाया गया?

जोमैटो के मुताबिक, जिन रेस्टोरेंट ने खुद बताया था कि उनकी कुछ डिश में एनालॉग डेयरी इस्तेमाल हो रही है उन्हें प्लेटफॉर्म से तुरंत हटा दिया गया है. कंपनी का कहना है कि यह फैसला ग्राहकों की सेहत और खाने की जानकारी में पारदर्शिता को ध्यान में रखकर लिया गया है.

रेस्टोरेंट को अब क्या करना होगा?

जोमैटो ने रेस्टोरेंट पार्टनर्स से कहा है कि वे असली डेयरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें. ऐसा तुरंत नहीं कर सकते तो एनालॉग डेयरी वाली डिश मेन्यू से हटा दें. सप्लायर से मिलने वाले प्रोडक्ट के लेबल और सामग्री की जानकारी दोबारा जांचें. जो चीज इस्तेमाल हो रही है, उसकी सही जानकारी जोमैटो पर दें. जो रेस्टोरेंट इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें जोमैटो के प्लेटफॉर्म से हटाया जा सकता है.

एनालॉग डेयरी क्या होती है?

एनालॉग डेयरी ऐसे प्रोडक्ट को कहा जाता है, जिसमें दूध से बनने वाली चीजों की जगह दूसरे पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन उसका स्वाद और रूप असली डेयरी जैसा हो सकता है. उदाहरण के तौर पर एनालॉग पनीर में दूध की जगह वनस्पति तेल, स्टार्च और दूसरे पदार्थों का इस्तेमाल किया जा सकता है. ऐसा प्रोडक्ट अपने आप में गैरकानूनी नहीं है, लेकिन उसे असली पनीर या डेयरी प्रोडक्ट बताकर बेचना गलत है. ग्राहक को साफ जानकारी देना जरूरी है.

एनालॉग पनीर पर क्यों बढ़ी बहस?

देश में पिछले कुछ समय से एनालॉग पनीर को लेकर चर्चा बढ़ी है. अप्रैल 2026 में FSSAI ने भी इस बारे में पब्लिक नोटिस जारी किया था. इसमें कहा गया था कि एनालॉग या चीज एनालॉग को पनीर के नाम से बेचना नियमों का उल्लंघन है. FSSAI ने रेस्टोरेंट और दूसरे फूड कारोबारियों से कहा था कि अगर किसी प्रोडक्ट में डेयरी की जगह नॉन-डेयरी सामग्री इस्तेमाल हो रही है तो उसे मेन्यू पर नॉन-डेयरी या एनालॉग के रूप में साफ बताया जाए. इसी महीने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी एनालॉग पनीर को लेकर FSSAI और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस भेजा है. आयोग ने इसके इस्तेमाल, पोषण, सेहत पर असर और जांच के तरीकों को लेकर जानकारी मांगी है.

जोमैटो से पहले भी जुड़ चुका है मामला

पिछले साल अक्टूबर में सोशल मीडिया पर यह मुद्दा उठा था कि रेस्टोरेंट को सामान सप्लाई करने वाली जोमैटो की हाइपरप्योर सेवा में एनालॉग पनीर बेचे जाने की बात सामने आई थी. इसके बाद कंपनी की आलोचना भी हुई थी.

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