पंजाब के लुधियाना में धार्मिक कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक टिप्पणी से माहौल गरमा गया है. पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया है. शाही इमाम ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री से माफी मांगने की मांग की है.
शाही इमाम ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर माफी नहीं मांगी गई, तो कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि धर्म को लेकर बयान देते समय सभी धर्मों की भावनाओं और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए. अब इस मामले में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं.
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‘धीरेंद्र शास्त्री की घटिया धार्मिक राजनीति’
बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर आरोप है कि उन्होंने इस्लाम धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है. ऐसे में इमाम ने कहा कि पंजाब सदियों से मुस्लिम, हिंदू और सिख एकता का प्रतीक रहा है. यहां धीरेंद्र शास्त्री आकर घटिया धार्मिक राजनीति कर रहे हैं. अगर वह अपने शब्द वापस लेते हैं तो अच्छी बात है, नहीं तो पंजाब पुलिस से शिकायत करेंगे.
धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा था?
दरअसल, धीरेंद्र शास्त्री ने कथा के बीच अपने अनुयायियों से कहा था कि तुम्हें सनातन जैसा धर्म मिला. मान लो अगर तो वो (इशारे में) होते तो भैया को भी सैयां बना लेते. समझ गए कि क्या कह रहे हैं? अपने मुंह से नहीं बोलेंगे, एफआईआर नहीं करवानी है. सांप भी मर जाएगा और लाठी भी नहीं टूटी.
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की प्रतिक्रिया
इस्लाम धर्म पर टिप्पणी के आरोप पर बाबा बागेश्वर की भी प्रतिक्रिया आई है. उनका कहना है कि वह किसी भी धर्म, मजहब या परंपरा के खिलाफ नहीं हैं. वह केवल उन रूढ़िवादी बातों के खिलाफ हैं जिससे देश में अराजकता फैलती है, जिससे देश में धर्मांतरण होता है, जिससे देश का माहौल खराब होता है. उनका उद्देश्य सीधा और साफ है- ‘जगो और जगाओ’.
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