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पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी गुटबाजी पर लगाम कसने के लिए हाईकमान अब निर्णायक कदम उठाने की तैयारी में है. भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को प्रभारी महासचिव बनाकर पार्टी नेतृत्व ने संगठन में बदलाव का पहला संकेत दे दिया है. अब प्रदेश कांग्रेस की कमान से लेकर चुनावी समितियों तक फेरबदल की तैयारी है. प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदलने का विकल्प भी चर्चा में है. माना जा रहा है कि राहुल गांधी के 15 सितंबर के आसपास प्रस्तावित चुनावी अभियान से पहले कांग्रेस पंजाब संगठन का चेहरा और चुनावी टीम दोनों को नए सिरे से तैयार कर लेना चाहती है.

कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने पंजाब में संगठन और चुनावी टीम को लेकर कई विकल्पों पर चर्चा शुरू कर दी है. सचिन पायलट से बातचीत के बाद अगले कुछ दिनों में इस संबंध में फैसले लिए जा सकते हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने का विकल्प भी इस चर्चा का हिस्सा है. हालांकि, अभी तक अध्यक्ष पद को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है.

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पार्टी के भीतर नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. पूर्व सांसद विजयेंद्र सिंगला और लोकसभा सांसद अमर सिंह को संभावित दावेदारों के तौर पर देखा जा रहा है. दोनों नेताओं के नाम अलग-अलग सामाजिक समीकरणों को साधने के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं.

हिंदू और दलित वोट बैंक पर कांग्रेस की नजर

विजयेंद्र सिंगला कांग्रेस के प्रमुख हिंदू चेहरों में शामिल हैं. ऐसे समय में जब भाजपा पंजाब में आक्रामक चुनावी रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है, कांग्रेस के सामने अपने परंपरागत हिंदू वोटरों को साथ बनाए रखने की चुनौती भी है. यही वजह है कि अगर प्रदेश अध्यक्ष बदलने का फैसला होता है तो सिंगला की दावेदारी को मजबूत माना जा रहा है.

वहीं अमर सिंह दलित समुदाय से आते हैं और पार्टी के भीतर उनकी स्वीकार्यता भी अच्छी मानी जाती है. कांग्रेस ने उन्हें पहले ही पंजाब चुनाव की घोषणापत्र समिति की जिम्मेदारी दे रखी है. ऐसे में वह चुनावी टीम का अहम हिस्सा बने हुए हैं.

चुनावी समितियों की धीमी रफ्तार से हाईकमान नाराज

कांग्रेस ने कई महीने पहले पंजाब चुनाव को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग समितियों का गठन कर दिया था. हालांकि, घोषणापत्र समिति को छोड़ दें तो ज्यादातर समितियों का काम अपेक्षित गति से शुरू नहीं हो पाया है.

शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता और राहुल गांधी की मौजूदगी में पंजाब को लेकर हुई बैठक में इस स्थिति पर नाराजगी जताए जाने की बात सामने आई है. पार्टी अब चुनावी तैयारियों में किसी तरह की देरी नहीं चाहती.

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कांग्रेस ने राहुल गांधी के पंजाब चुनाव अभियान की शुरुआत के लिए बस यात्रा की योजना तैयार कर ली है. इसे करीब 15 सितंबर के आसपास शुरू करने की तैयारी है. ऐसे में माना जा रहा है कि राहुल गांधी के मैदान में उतरने से पहले हाईकमान संगठन और चुनावी समितियों में जरूरी बदलाव कर देना चाहता है.

सचिन पायलट को नई जिम्मेदारी दिए जाने को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. पार्टी की कोशिश है कि सभी गुटों को साथ लेकर पंजाब में एकजुट चेहरा पेश किया जाए और चुनाव से पहले अंदरूनी विवादों को पीछे छोड़कर संगठन को पूरी तरह चुनावी मोड में लाया जाए.



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