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हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू से पहली मौत की खबर सामने आ रही है. शिमला के  इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) में उपचाराधीन एक 64 वर्षीय मरीज की जान चली गई. मृतक की पहचान रामाशीष राम, निवासी साईं डोभा, डाकघर बिलासपुर सदर, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है. रामाशीष की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट 29 अगस्त को पॉजिटिव आई थी और 30 अगस्त 2026 को उनकी मृत्यु हो गई. डॉक्टरों के मुताबिक रामाशीष को पहले से ही फेफड़े और सांस संबंधी गंभीर बीमारी थी. 

इससे पहले हिमाचल के सुंदरनगर के रहने वाले व्यक्ति की चंडीगढ़ में स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी. ऐसे में रामाशीष की मौत हिमाचल में स्वाइन फ्लू संबंधी पहली मौत है. हालांकि, डॉक्टर्स का कहना है कि इस डेथ को केवल स्वाइन फ्लू से नहीं जोड़ा जा सकता क्योंकि रामाशीष राम को पहले से फेफड़े संबंधी बीमारी थी और उन्हें निमोनिया भी हो गया था, जिसकी वजह से उन्हें सांस लेने में काफी दिक्कत थी.

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अस्पताल प्रशासन ने दी जानकारी

अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीज को 13 अगस्त 2026 को भर्ती किया गया था. उपचार के दौरान 29 अगस्त को की गई जांच में वह H1N1 (स्वाइन फ्लू) पॉजिटिव पाया गया. हालांकि, चिकित्सकीय रिकॉर्ड के मुताबिक मरीज पहले से इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (ILD) और लोअर लोब निमोनिया जैसी गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित था तथा अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं भी मौजूद थीं. अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी स्थिति लगातार गंभीर बनी रही और सभी प्रयासों के बावजूद 30 अगस्त को सुबह करीब 6:46 बजे उसकी मृत्यु हो गई.

मरीज को थी गंभीर फेफड़ों की बीमारी

IGMC प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीज पहले से गंभीर फेफड़ों की बीमारी और निमोनिया सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित था. ऐसे में मृत्यु को केवल H1N1 संक्रमण से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उसकी पूर्ववर्ती गंभीर बीमारियां और उपचार के दौरान उत्पन्न जटिलताएं भी महत्वपूर्ण कारण रहीं.

लोगों के लिए सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि H1N1/इन्फ्लुएंजा के लक्षण जैसे तेज बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें. विशेष रूप से बुजुर्गों और पहले से फेफड़ों या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए. भीड़भाड़ वाले स्थानों में सतर्क रहें. खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकें और चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार उपचार कराएं.

 



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