[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


उत्तर प्रदेश के लखनऊ में समाजवादी सरकार में बने अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) के अब दिन बदलने वाले है. करीब 9 साल से बंद पड़े इस सेंटर को प्राइवेट कंपनी को लीज पर देने के बाद बुधवार को पहली बार इसका मुख्य गेट खोला गया. अब जल्द ही JPNIC को कंपनी के हवाले करने की प्रक्रिया शुरू होगी.

एलडीए के मुताबिक, हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राइवेट कंपनी JPNIC की मरम्मत और कायाकल्प का काम शुरू करेगी. जिसमें अंदर और बाहर से जर्जर और खस्ताहाल बिल्डिंग को फिर संवारना बड़ी चुनौती होगी. 

यह भी पढ़ें: राम के बाद अब कृष्ण के सहारे BJP! मथुरा को CM योगी देंगे ये तोहफा

अंदर से जर्जर हो चुकी है इमारत

करीब 831 करोड़ रुपये की लागत से तैयार JPNIC लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं है. रखरखाव के अभाव में इमारत के अंदर कई जगह सीलन, टूट-फूट और गंदगी दिखाई दे रही है. कई फ्लोर की फर्श खराब हो चुकी है, जबकि दरवाजे और फर्नीचर भी जर्जर हालत में हैं. स्विमिंग पूल की हालत भी बेहद खराब है. लंबे समय से बंद रहने के कारण यहां काई जम गई है और पूरा परिसर झाड़ियों व लताओं से घिर गया है. 

200 से 250 करोड़ रुपये तक खर्च होने का अनुमान

JPNIC को दोबारा इस्तेमाल लायक बनाने में करीब 200 से 250 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. यह रकम प्राइवेट कंपनी खर्च करेगी. इसमें बिल्डिंग की फिनिशिंग, बिजली-पानी की व्यवस्था, सुरक्षा उपकरण, लिफ्ट, इंटीरियर और अन्य जरूरी काम शामिल होंगे. 

लिफ्ट और एस्केलेटर भी खराब

सालों से बंद पड़ी JPNIC की लिफ्ट खराब हो चुकी हैं. ऊपरी मंजिलों तक जाने के लिए लगाए गए एस्केलेटर भी जंग खा रहे हैं. इन्हें ठीक कराने या जरूरत के मुताबिक बदलने का काम किया जाएगा. 

फर्नीचर और फर्श की भी बदलेगी सूरत

JPNIC के अंदर लगे कई सोफे, कुर्सियां और दूसरे फर्नीचर लंबे समय तक इस्तेमाल न होने के कारण खराब हो चुके हैं. कई जगह फर्श की टाइल्स काली पड़ गई हैं और कुछ हिस्सों में फर्श धंसने की स्थिति भी सामने आई है. 

शीशे, पत्थर और टाइल्स भी टूटे

इमारत के बाहरी हिस्से में लगे कई शीशे टूट चुके हैं. दीवारों पर लगे पत्थर और टाइल्स भी कई जगह उखड़ गए हैं. ऐसे में कंपनी को इंटीरियर के साथ-साथ एक्सटीरियर पर भी बड़ा काम करना होगा.

बिजली और सुरक्षा व्यवस्था भी होगी दुरुस्त

लंबे समय से बंद रहने के कारण बिजली के तार, जनरेटर और लाइटिंग सिस्टम भी प्रभावित हुए हैं. सुरक्षा व्यवस्था को भी दोबारा तैयार करना होगा. इसके अलावा अधूरी बाउंड्री वॉल और मुख्य गेट से जुड़े काम भी पूरे किए जाने हैं.

हैलीपेड की भी होगी मरम्मत

JPNIC परिसर में बना हैलीपेड भी लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है. इसकी स्थिति भी खराब हो चुकी है. मरम्मत के दौरान हैलीपेड को भी दुरुस्त करना होगा. 

600 से ज्यादा रिक्लाइनर चेयर का पता नहीं

JPNIC में दो बड़े हॉल बनाए गए थे. इनमें 600 से ज्यादा रिक्लाइनर चेयर लगाए गए थे. अब इनमें से कई चेयर गायब बताए जा रहे हैं. इनका क्या हुआ, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. इस संबंध में एलडीए के स्तर पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है.

परिसर में सांप और दूसरे जानवरों का खतरा

लंबे समय से बंद रहने के कारण JPNIC का पिछला हिस्सा झाड़ियों और जंगल जैसा हो गया है. सुरक्षा कर्मचारियों के मुताबिक, यहां सांप और दूसरे जानवर दिखाई देते हैं. रात में चमगादड़ भी परिसर में नजर आते हैं. ऐसे में मरम्मत शुरू होने से पहले पूरे परिसर की सफाई और सुरक्षा भी बड़ी चुनौती होगी.

2017 में रुक गया था काम

JPNIC का निर्माण वर्ष 2015 में शुरू हुआ था. वर्ष 2017 में निर्माण पूरा होने से पहले ही काम रोक दिया गया था. उस समय फिनिशिंग और इंटीरियर से जुड़े कुछ काम बाकी थे. इसके बाद करीब 9 साल तक यह इमारत बंद रही. अब प्राइवेट कंपनी को जिम्मेदारी मिलने के बाद JPNIC के दोबारा संवरने और जल्द आम लोगों के इस्तेमाल में आने की उम्मीद बढ़ गई है.

यह भी पढ़ें: कैंसर से पीड़ित BJP विधायक अनिल शर्मा का निधन, CM योगी ने जताया दुख



Source link