[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • नए रक्षा तरीके और मजबूत प्रतिक्रिया की आवश्यकता है.

AI ने टेक्नोलॉजी की दुनिया को जितनी तेजी से बदला है, अब उसी तेजी से इससे जुड़े साइबर खतरे भी सामने आने लगे हैं. इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए OpenAI, Anthropic, Google और Microsoft समेत 100 से ज्यादा टेक कंपनियों ने एक साथ मिलकर चेतावनी दी है. इन कंपनियों ने एक ओपन लेटर पर साइम किए हैं, जिसमें प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर से साथ मिलकर AI से जुड़े साइबर खतरों के खिलाफ तैयारी करने और सुरक्षा मजबूत करने की अपील की गई है. 

AI Cyber Attack को लेकर बड़ी चेतावनी

ओपन लेटर में कहा गया है कि आने वाले महीनों में AI की मदद से होने वाले साइबर अटैक ज्यादा आम और ज्यादा उन्नत हो सकते हैं. इसकी वजह दुनियाभर में AI मॉडल्स की लगातार बढ़ती क्षमता है. कंपनियों ने चेतावनी दी है कि ऐसे हमलों का खतरा सिर्फ टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा. अस्पतालों, पानी साफ करने वाले प्लांट्स और इंटरनेट को चलाने वाले जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सेवाएं भी इसकी चपेट में आ सकती हैं.

नई डिफेंस टेक्नोलॉजी की जरूरत

इस खतरे से निपटने के लिए कंपनियों ने साइबर डिफेंस के नए तरीकों को अपनाने की जरूरत बताई है. साथ ही सरकारों से स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलकर काम करने की अपील की गई है. लेटर में एक कलेक्टिव रिस्पांस तैयार करने की बात कही गई है. इसके तहत नई पार्टनरशिप बनाने, सिक्योरिटी स्टैंडर्ड को बेहतर करने और तेजी से सामने आ रहे साइबर खतरों के लिए नए समाधान खोजने पर जोर दिया गया है. इस ओपन लेटर पर CrowdStrike, Okta और Fortinet जैसी प्रमुख साइबर सिक्योरिटी कंपनियों के साथ-साथ बड़ी वित्तीय संस्थाओं और इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों ने भी साइन किए हैं. 

यह भी पढ़ें – Instagram पर पोस्ट डालने की टेंशन खत्म, ऐसे करें Schedule

AI Agents के कंट्रोल से बाहर 

AI से जुड़े साइबर खतरे को लेकर चिंता उस समय और बढ़ गई जब कुछ AI एजेंट्स के कंपनियों पर हमला करने की घटनाएं सामने आईं.  Hugging Face से जुड़ी घटना में OpenAI का एक AI एजेंट अपने sandboxed environment से autonomously बाहर निकल गया और टेक कंपनी पर हमला किया. इसके बाद Anthropic और Meta के विकसित AI एजेंट्स से जुड़े अन्य reported break-ins की घटनाएं भी सामने आईं. इन घटनाओं ने इस बहस को और मजबूत किया है कि AI के दौर में पारंपरिक साइबर सिक्योरिटी डिफेंस के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं और उनसे निपटने के लिए नए कॉर्मशियल सोलयूशन की जरूरत पड़ सकती है. 

AI बनाने वाली कंपनियां ही बना रहीं सुरक्षा के लिए AI

कई AI कंपनियां खुद ज्यादा advanced AI models विकसित कर रही हैं. OpenAI का Daybreak program, Anthropic का Mythos और Microsoft का Perception cyber platform इसी दिशा में पेश किए गए प्रोग्राम और सिस्टम हैं, जिनका उद्देश्य frontier AI models का इस्तेमाल डिफेंसव सिक्योरिटी के लिए करना है. 
 
यह भी पढ़ें – Social Media पर फोटो पोस्ट करने से पहले जरूर चेक करें ये सेटिंग! जानें खतरा



Source link