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आपका पैसा- ‘बाय नाऊ, पे लेटर’ का जाल:छोटी शॉपिंग बन सकती है कर्ज का बोझ, लेट पेमेंट से बिगड़ता क्रेडिट स्कोर, जानें कैसे बचें

​ऑनलाइन शॉपिंग के इस दौर में BNPL यानी ‘बाय नाऊ, पे लेटर’ तेजी से पॉपुलर हो रहा है। इसकी दो वजहें हैं– यह सर्विस आसान है और पहली नजर में इंटरेस्ट फ्री लगती है। लेकिन यही इसका जाल भी है। लोग छोटे-छोटे कर्ज लेकर बड़े कर्ज में कब फंस जाते हैं, पता ही नहीं चलता। कुछ लोग एक साथ कई प्लेटफॉर्म पर BNPL इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद ड्यू डेट भूल जाते हैं और धीरे-धीरे उनका बजट और क्रेडिट स्कोर दोनों बिगड़ जाते हैं। इसलिए ‘आपका पैसा’ कॉलम में आज BNPL की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: जितेंद्र सोलंकी, फाइनेंशियल एडवाइजर, गाजियाबाद सवाल- BNPL क्या है? यह EMI से कैसे अलग है? जवाब- यह एक डिजिटल पेमेंट सर्विस है। इसकी मदद से कोई चीज खरीदकर, उसके पैसे बाद में या किस्तों में चुका सकते हैं। अगर तय समय पर भुगतान करें तो इसमें कोई ब्याज नहीं लगता है। BNPL और EMI में फर्क 1. भुगतान का तरीका BNPL: अभी खरीदें, बाद में रुपए चुकाएं। EMI: लोन लेकर हर महीने फिक्स किस्त चुकाएं। 2. इंटरेस्ट BNPL: आमतौर पर 0% ब्याज लगता है, लेट पेमेंट पर चार्ज लगता है। EMI: आमतौर पर ब्याज लगता है, 0% EMI भी हो सकती है। 3. प्रोसेस BNPL: फटाफट और आसान है। डॉक्यूमेंटेशन कम होता है। EMI: बैंक/कार्ड अप्रूवल लेना होता है। काफी फॉर्मल प्रोसेस होता है। 4. टेन्योर BNPL: शॉर्ट टर्म के लिए होता है। अमूमन 15 दिन से 30 दिन तक। EMI: लॉन्ग टर्म के लिए होता है। अमूमन 3  

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