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भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. 30 अप्रैल 2026 को वायुसेना से रिटायर होने के कुछ महीनों बाद अब उन्हें एक बेहद अहम जिम्मेदारी मिली है. सितंबर 2026 में उन्हें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या का पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया गया है.

राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और मंदिर परिसर से जुड़े बड़े स्तर के काम को देखते हुए ट्रस्ट ने यह फैसला लिया है. जीतेंद्र मिश्रा के पास भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक काम करने और बड़े पदों पर जिम्मेदारी संभालने का अनुभव है. माना जा रहा है कि उनके प्रशासनिक और प्रबंधन के अनुभव का फायदा राम मंदिर से जुड़े कामकाज को बेहतर तरीके से चलाने में मिलेगा.

रिटायरमेंट के बाद कितनी मिलती है पेंशन?

अब बात करते हैं उनकी पेंशन की. 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के नियमों के मुताबिक, एयर मार्शल जैसे लेवल-16 के अधिकारी का अंतिम बेसिक वेतन 2.24 लाख रुपये प्रति महीने तक होता है. सेवानिवृत्ति के बाद नियमों के तहत अंतिम मूल वेतन का करीब 50 फीसदी हिस्सा बेसिक पेंशन के तौर पर मिलता है. इस हिसाब से जीतेंद्र मिश्रा की बेसिक पेंशन करीब 1.12 लाख रुपये प्रति महीने बैठती है.

इसके अलावा उन्हें सरकार की ओर से लागू महंगाई राहत (Dearness Relief) भी मिलती है. यानी उनकी कुल पेंशन सिर्फ 1.12 लाख रुपये तक सीमित नहीं होगी, बल्कि लागू महंगाई राहत जुड़ने के बाद रकम बढ़ जाएगी. रिटायरमेंट के समय उन्हें नियमों के मुताबिक ग्रेच्युटी और बचे हुए अवकाश के बदले मिलने वाला लीव एनकैशमेंट जैसे दूसरे वित्तीय लाभ भी मिले होंगे.

राम मंदिर ट्रस्ट में नई जिम्मेदारी कितनी खास?

राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की जिम्मेदारी उनकी सैन्य पेंशन से बिल्कुल अलग है. ट्रस्ट की तरफ से इस पद पर मिलने वाला वेतन या मानदेय अलग से तय होगा. यानी उन्हें एक तरफ पूर्व एयर मार्शल के तौर पर पेंशन मिलती रहेगी और दूसरी तरफ ट्रस्ट में नई जिम्मेदारी के बदले मिलने वाला वेतन या मानदेय अलग होगा. अयोध्या में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. मंदिर परिसर में आने वाले समय में कई तरह की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को संभालना भी बड़ी चुनौती है. ऐसे में ट्रस्ट को ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जिसे बड़े स्तर पर प्रशासन, व्यवस्था और प्रबंधन संभालने का अनुभव हो.

जीतेंद्र मिश्रा का लंबा सैन्य करियर इसी वजह से इस नई जिम्मेदारी में काफी काम आ सकता है. अब देखना होगा कि पूर्व एयर मार्शल राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के तौर पर इस बड़ी जिम्मेदारी को किस तरह संभालते हैं.

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ऑपरेशन सिंदूर में भी निभा चुके हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

आपको फिर बता दें कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का नया सीईओ नियुक्त किया गया है. ट्रस्ट की अहम बैठक में उनके नाम पर मुहर लगाई गई. जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के पश्चिमी कमान के चीफ रह चुके हैं. वह अप्रैल 2026 में वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए थे. अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी अहम भूमिका निभाई थी.

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