करनाल में बिजली विभाग के सस्पेंड अधीक्षक अभियंता (Superintending Engineer) जीतूराम तंवर का शव आज (31 अगस्त) संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी कार से मिला. आज उनका रिटायरमेंट का दिन था. अंदेशा जताया जा रहा है उन्होंने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. कुछ समय पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वे कथित तौर पर एक समाज के ऊपर टिप्पणी करते हुए नजर आ रहे थे. वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था.
अब उनकी बेटी नीति तंवर ने दावा किया है कि वीडियो असली नहीं था, बल्कि कुछ लोगों ने उनके पिता को अपने पास बैठाकर मजाक में कुछ बातें बुलवाईं और बाद में रिकॉर्डिंग को एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. बेटी ने चार लोगों पर पिता को परेशान करने का आरोप लगाया है.
रिटायरमेंट के दिन घर से निकले, वापस नहीं लौटे
मृतक की बेटी नीति तंवर ने बताया कि उनके पिता जीतूराम तंवर 58 साल के हो चुके थे और सोमवार को ही उनकी रिटायरमेंट थी. वह काफी समय से परेशान चल रहे थे. सुबह वह घर से यह कहकर निकले थे कि अपनी आखिरी चिट्ठी देकर आते हैं. इसके बाद वे घर वापस नहीं लौटे. परिवार के लोगों ने उन्हें तलाश करना शुरू किया तो उनकी गाड़ी डीएवी स्कूल के बाहर खड़ी मिली.
बेटी नीति ने बताया कि उनके पिता गाड़ी की पिछली सीट पर पड़े थे. उन्होंने पिता को उठाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. उनके मुंह से झाग निकल रहा था. इसके बाद परिवार उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
‘वीडियो को एडिट कर फैलाया गया’
नीति तंवर ने कहा, ”मेरे पिता का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, वह वास्तविक नहीं था. कुछ लोगों ने उन्हें अपने पास बैठाकर जोक्स यानी मजाक की बातें बुलवाई थीं. बाद में उन बातों की रिकॉर्डिंग कर उसमें एडिटिंग की गई और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया. इससे पूरे समाज को उनके परिवार के खिलाफ खड़ा कर दिया गया. वीडियो वायरल होने के बाद उनके पिता ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी. उन्होंने साफ कहा था कि उनका 36 बिरादरी के लोगों के साथ भाईचारा है. इसके बावजूद मामला शांत नहीं हुआ और विभाग ने उन्हें सस्पेंड कर दिया.”
विभाग को लिखे कई पत्र, कार्रवाई नहीं होने का आरोप
बेटी ने आरोप लगाया कि उनके पिता ने विभाग को कई पत्र लिखकर अपने साथ हो रही परेशानी के बारे में बताया और न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. नीति ने कहा कि पिता की ओर से लिखे गए सभी पत्र उन्होंने खुद तैयार किए थे. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से उनके पिता परिवार को विभाग से जुड़ी ऐसी जानकारियां भी दे रहे थे, जो वह पहले कभी शेयर नहीं करते थे. वे बताते थे कि कौन सी फाइल कहां रखी है और किस मामले में क्या जानकारी है. सोमवार सुबह घर से निकलते समय भी उन्होंने कहा था कि वह अपनी आखिरी चिट्ठी देकर आते हैं.
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शुरू की जांच
मृतक की बेटी ने आगे कहा कि उनके पिता जब से सोनीपत आए थे, तभी से परेशान चल रहे थे. उन्होंने करीब तीन साल सोनीपत में नौकरी की और इस दौरान लगातार मानसिक परेशानी में रहे. मृतक के परिजनों ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा.
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