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Heligan Pineapple Farming: अनानास की खेती आमतौर पर गर्म और नम मौसम वाले इलाकों में की जाती है और किसान इससे अच्छी कमाई भी करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ऐसे अनानास के बारे में सुना है, जिसे तैयार करने में करीब 2 से 3 साल लगते हैं और एक फल को उगाने पर करीब 1 लाख रुपये खर्च हो जाते हैं? ब्रिटेन के द लॉस्ट गार्डन्स ऑफ हेलिगन में उगाया जाने वाला हेलिगन अनानास इसी वजह से खास माना जाता है. इस अनानास को सामान्य तरीके से खेत में नहीं उगाया जाता.

इसकी खेती के लिए खास गमले, नियंत्रित गर्मी और घोड़े की खाद का इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि इसकी खेती सामान्य अनानास की खेती से काफी अलग है. हेलिगन अनानास की खेती के लिए लकड़ी के खास गमले का इस्तेमाल किया जाता है. इन गमलों में गहरे गड्ढे बनाए जाते हैं, जिससे पौधे को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके. खास बात यह है कि एक गमले से केवल एक ही अनानास तैयार किया जाता है. ब्रिटेन का मौसम अनानास की खेती के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं है. इसलिए पौधे को ठंड से बचाने के लिए उसे ढके हुए स्थान पर रखा जाता है. वहां धूप और गर्मी का इंतजाम किया जाता है, ताकि पौधे को बढ़ने के लिए जरूरी तापमान मिल सके.

भारत में कैसे हो सकती है अनानास की ऐसी खेती?

भारत में अनानास की खेती मुख्य रूप से गर्म और नमी वाले इलाकों में की जाती है. देश के कई हिस्सों में इसका उत्पादन खुले खेतों में सामान्य तरीके से होता है. भारत में अगर किसान नियंत्रित माहौल में अनानास की खेती करना चाहते हैं, तो उन्हें तापमान, नमी और मिट्टी की क्वालिटी का खास ध्यान रखना होगा. जरूरत के हिसाब से पौधों को कवर वाले स्थान या संरक्षित खेती के तहत रखा जा सकता है. हालांकि, हेलिगन जैसी खेती में एक फल के लिए कई साल और ज्यादा खर्च लगता है, इसलिए इसे सामान्य खेती के बजाय खास और महंगे उत्पादन के मॉडल के तौर पर देखना ज्यादा सही होगा.

घोड़े की खाद से मिलती है पौधे को गर्मी और पोषण

इस खेती में घोड़े की खाद का इस्तेमाल सबसे खास बातों में से एक है. खाद सिर्फ पौधे को पोषण देने के लिए ही नहीं, बल्कि गर्मी बनाए रखने में भी मदद करती है. ठंडे मौसम में पौधे के आसपास गर्म वातावरण बनाए रखने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. इस तरह पौधे को गर्मी, नमी और पोषण का संतुलन दिया जाता है. लंबे समय तक देखभाल के बाद जाकर इसमें फल तैयार होता है. यही वजह है कि इसे सामान्य अनानास की तुलना में तैयार करने में काफी ज्यादा समय लगता है.

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एक फल तैयार करने में लग जाते हैं 2 से 3 साल

हेलिगन अनानास की खेती में किसान को जल्दी उत्पादन नहीं मिलता. एक पौधे से फल तैयार होने में करीब दो से तीन साल का समय लग जाता है. यानी जिस फल को आम बाजार में कुछ दिनों या हफ्तों में खरीदकर खा लिया जाता है, उसे तैयार करने के पीछे कई साल की मेहनत और देखभाल होती है. इस पूरी प्रक्रिया में खास गमले, गर्मी बनाए रखने की व्यवस्था, खाद और लगातार देखभाल पर खर्च होता है. इसी वजह से एक अनानास को तैयार करने की लागत करीब 1 लाख रुपये तक बताई जाती है.

बाजार में नहीं बिकता, खास लोगों को दिया जाता है

इतनी ज्यादा लागत के बावजूद हेलिगन अनानास को आम बाजार में बेचने के लिए नहीं रखा जाता. इसे खास तौर पर गिफ्ट के तौर पर दिया जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, हाई प्रोफाइल लोगों के बीच यह अनानास खास तोहफे के तौर पर इस्तेमाल होता है. अगर इसकी नीलामी की जाए तो एक फल की कीमत करीब 10 लाख रुपये तक पहुंचने का दावा किया जाता है. हालांकि, इसकी कीमत सामान्य अनानास की तरह बाजार की मांग और बिक्री पर तय नहीं होती.

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