हरियाणा के गुरुग्राम में रविवार (13 सितंबर) को बाबा बालक नाथ की समाधि, मंदिर की मूर्तियां और गौशाला तोड़े जाने के विरोध में ग्रामीणों ने एकत्रित होकर महापंचायत का आयोजन किया. महापंचायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना कोई नोटिस दिए मंदिर पर बुलडोजर चला दिया. यही नहीं बाबा बालक नाथ की समाधि को भी तोड़ दिया गया, जबकि यह जमीन झाड़सा गांव की है.
ग्रामीणों ने इसे कई वर्षों से बाबा बालक नाथ और उनसे पहले आए बाबा को यह जमीन दान में दी थी. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि यह जोहड़ की जमीन है, जिसे प्रशासन ना तो अपने अधीन ले सकता है और ना ही यहां पर तोड़फोड़ कर सकता है. जबकि प्रशासन ने बिना अनुमति के ही परसों देर रात आकर यहां पर तोड़फोड़ शुरू कर दी और यहां पर मौजूद बाबा बालक नाथ और उनके शिष्यों को जबरन हिरासत में ले लिया.
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ग्रामीणों ने लगाए ये आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि जब ग्रामीण सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें भी मौके पर नहीं आने दिया गया. बता दें कि मंदिर की जमीन से लगाते हुए दो प्लॉट है. आरोप है कि प्रशासन ने इन प्लॉट मालिकों को रास्ता देने के लिए मंदिर परिसर की जमीन को खाली करवाया है, जिसमें करीब 40 प्राण प्रतिष्ठित मूर्तियां भी तोड़ दी गई, इसके अलावा बाबा बालक नाथ की समाधि को तोड़ दिया गया.
मंदिर परिसर में बने छोटे-छोटे मंदिरों को भी बुलडोजर की मदद से ढहा दिया गया. यहां पर गौशाला में करीब 20 गोवंश भी थे, जिनको यहां से रातों-रात हटा दिया गया. अभी तक उनका कुछ भी अता-पता नहीं है कि कहां पर गोवंश को रखा गया है. बाबा बालक नाथ और उनके शिष्यों को भी पुलिस द्वारा कहां ले जाया गया है. यह भी अभी तक बताया नहीं जा रहा है.
ग्रामीणों ने बुलाई महापंचायत
रविवार को महापंचायत में ग्रामीणों ने आगाज कर दिया है कि सबसे पहले सोमवार को गुरुग्राम के जिला उपायुक्त से इस विषय पर मिलने जाया जाएगा, उसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी. ग्रामीणों ने महापंचायत में प्रदेश के मुख्यमंत्री और गुरुग्राम के बादशाहपुर से विधायक और कैबिनेट में मंत्री को भी खूब कोसा.
महापंचायत में लोगों ने कहा कि हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए मंदिर की जमीन को हड़पना चाहते हैं. बताया जा रहा है कि 2 दिन पहले बाबा बालक नाथ मंदिर तोड़ने पर प्रशासन और ग्रामीणों में तनातनी हुई थी. ग्रामीणों द्वारा बिल्डर पर जमीन हड़पने का भी आरोप लगाया गया. गुरुग्राम के सेक्टर-50 एरिया में बाबा बालक नाथ मंदिर और समाधि को तोड़ने को लेकर महापंचायत में जिला प्रशासन को जमकर कोसा.
2 दिन पहले ग्रामीणों को पुलिस ने रोका
बता दें कि 2 दिन पहले पुलिस ने ग्रामीणों को मंदिर परिसर में जाने से भी रोक दिया था और रोड पर ही बेरी गेट लगा दिए गए थे ताकि कोई मंदिर परिसर तक ना पहुंच पाए इस दौरान प्रशासन ने पुलिस की मदद से मंदिर परिसर में खूब तोड़फोड़ की.
इस दौरान पुलिस और प्रशासन ने मीडिया को भी वहां से दूर रखा. इस दौरान मीडिया कर्मियों के साथ एचएसवीपी के अधिकारियों और पुलिस द्वारा अभद्रता की गई. मीडिया को कवरेज करने से भी रोक दिया गया.
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