हरियाणा बीजेपी के सीनियर नेता और राज्य सरकार में मंत्री अनिल विज ने इंडिया गठबंधन के धरना-प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने के लिए कोई आवेदन दी है या नहीं दी है. अगर दी है तो क्या चुनाव आयोग ने उसको इनकार किया है? हम भी जब विपक्ष में थे तो कई बार चुनाव आयोग से टाइम लेकर मिलते थे. ये भी मिल सकते हैं.
मंत्री अनिल विज ने आगे कहा, ”वो गांधी परिवार जो कभी अर्श पर होता था, आज वो फर्श पर आ गया है. इसके पीछे की वजह गलत नीतियां, गलत सोच और गलत काम हैं. जिस परिवार तक पहुंचने के लिए लोगों को जिंदगियां लग जाती थीं, उसके पोते-पोतियां सड़कों पर लेट रहे हैं, प्रजातंत्र का इससे बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता.”
चुनाव आयोग से मिलना सभी का अधिकार- अनिल विज
मंत्री ने आगे कहा कि चुनाव आयोग से मिलना सभी का अधिकार है. कोई भी जाकर मिल सकता है. लेकिन राहुल गांधी बताएं कि उन्होंने चीफ इलेक्शन कमिश्नर से कब समय मांगा. कब उन्होंने चिट्ठी लिखी? अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ने इनकार किया है तो उनको आंदोलन करने का हक है. लेकिन अगर चिट्ठी ही नहीं लिखी और किसी ने मना ही नहीं किया, तब तो ये तमाशा हो रहा है.
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ये एक तरह से देश में तमाशा किया जा रहा- अनिल विज
अनिल विज ने कहा, ”पहले तो सांसदों को किसी अच्छे से होटल में रोटी खिलाते हैं. कल भी खिलाई. आज भी सुना कि खिला रहे हैं. रोटी खिलाने के बाद सड़कों पर बैठाने के लिए लेकर जाते हैं. ये एक तरह से देश में तमाशा किया जा रहा है. ज्ञानेश कुमार या कोई भी अधिकारी जनता के लिए हैं. कोई मना करे तो आप प्रदर्शन करिए लेकिन आप लोगों को दिखाइए कि आपको इनकार किया गया है.”