29 अप्रैल को इरफान खान की 6वीं पुण्यतिथि सिर्फ तारीख नहीं, बल्कि यादों का सैलाब है- एक ऐसे कलाकार की, जिसने अभिनय को सच्चाई की तरह जिया। उनकी जिंदगी, किरदार और सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। इस सफर को रंजीता कौर ने अपनी डॉक्यूमेंट्री ‘अ स्टोरी दैट रिफ्यूज्ड टू डाई’ में सहेजा है, जो पान सिंह तोमर की मेकिंग और इरफान की अनदेखी दुनिया दिखाती है। आज इसकी स्क्रीनिंग मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में रखी गई है। यह सिर्फ डॉक्यूमेंट्री नहीं, बल्कि उन पलों की विरासत है। चोट के बावजूद इरफान शूटिंग करते रहे। वो बकरी के बच्चे के साथ खेलते नजर आए। हर छोटी चीज में खुशी ढूंढते थे और किरदार की सच्चाई के लिए खुद को मिटा देते थे। रंजीता के शब्दों में, इरफान सिर्फ एक्टर नहीं, बल्कि एक एहसास थे, जिन्होंने हर दिल में जगह बनाई। उनकी कहानी सच में मरने से इनकार करती है, क्योंकि इरफान आज भी अपने काम, सादगी और गहराई के जरिए हमारे बीच जिंदा हैं। इरफान खान की 6वीं डेथ एनिवर्सरी पर रंजीता कौर ने उनके जीवन के कुछ अनसुने किस्से सुनाए ‘स्टोरी दैट रिफ्यूज्ड टू डाई’– एक टाइटल, जो इरफान की सोच से जन्मा रंजीता कौर कहती हैं कि डॉक्यूमेंट्री का टाइटल सिर्फ क्रिएटिव नाम नहीं, बल्कि इरफान खान की सोच और फिल्म की जर्नी का सार है। उनके मुताबिक, पान सिंह तोमर बनाना आसान नहीं
जब इरफान खान डकैत बने, एड़ी में चोट लगी थी:लंगड़ाते हुए ‘पान सिंह तोमर’ की शूटिंग करने पहुंचे, एक्शन सुनकर लगा देते थे दौड़

