गर्मी और उमस के मौसम में ऑफिस का AC राहत की सांस देता है। लेकिन यही ठंडा माहौल डीहाइड्रेशन की वजह भी बन सकता है। दरअसल एसी की ठंडक में प्यास का एहसास कम होता है, जबकि शरीर लगातार नमी खोता रहता है। अगर ऐसे में बार-बार चाय-कॉफी पी रहे हैं तो डीहाइड्रेशन का रिस्क और बढ़ जाता है। इसका नतीजा ये होता है कि दिन खत्म होते-होते सिरदर्द, थकान और सुस्ती महसूस होने लगती है। इसलिए डीहाइड्रेशन के शुरुआती संकेतों को पहचानना और समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. संचयन रॉय, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- क्या बिना पसीना आए भी शरीर में पानी की कमी हो सकती है? जवाब- हां, यह काफी कॉमन है। दरअसल एयर कंडीशंड वातावरण में शरीर पसीना नहीं बनाता है। इसके बावजूद शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसे पॉइंटर्स से समझिए- इन सभी कारणों से बिना पसीना निकले भी डीहाइड्रेशन हो सकता है। सवाल- ऑफिस में AC की हवा शरीर पर क्या असर डालती है? जवाब- एयर कंडीशंड कमरे की हवा ड्राई होती है। इसलिए स्किन और रेस्पिरेटरी सिस्टम से इवैपोरेशन बढ़ जाता है। इसे ट्रांसएपिडर्मल वॉटर लॉस कहते हैं। सवाल- AC में रहने से प्यास कम क्यों लगती है? जवाब- सामान्य तौर पर प्यास का एहसास तब बढ़ता है, जब शरीर का तापमान और पसीन
