गर्मियों की चिलचिलाती धूप शरीर के साथ स्किन को भी नुकसान पहुंचाती है। इससे स्किन में जलन, रेडनेस या चुभन जैसा एहसास हो सकता है। ये सनबर्न के लक्षण हो सकते हैं। अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि असल में सूरज की UV (अल्ट्रावायलेट) किरणें स्किन की ऊपरी लेयर को नुकसान पहुंचाती हैं। लंबे समय तक इसके एक्सपोजर से झुर्रियां, पिग्मेंटेशन और यहां तक कि स्किन कैंसर का खतरा भी हो सकता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, ज्यादा यूवी एक्सपोजर स्किन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर अगर कोई बिना किसी प्रोटेक्शन के धूप में लंबे समय तक बना रहे। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम सनबर्न के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. निपुण जैन, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- सनबर्न क्या है और ये कैसे होता है? जवाब- ज्यादा देर धूप में रहने से स्किन में जलन और रेडनेस हो तो इसे सनबर्न कहते हैं। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- कितनी देर धूप में रहने से सनबर्न हो सकता है? जवाब- यह धूप की तीव्रता, समय और स्किन टाइप पर निर्भर करता है। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या सनबर्न सिर्फ गर्मियों में होता है? जवाब- नहीं, ऐसा नहीं है। जब भी स्किन ज्यादा समय तक सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में रहती है, तब
