[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


स्वतंत्र भारद्वाज को दिमागी नक्सल कहने के आरोप को लेकर BJP प्रवक्ता गौरव भाटिया और सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास के बीच तीखी बहस देखने को मिली. सौरव दास ने दिमागी नक्सल वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए दावा किया था कि गौरव भाटिया ने स्वतंत्र भारद्वाज को दिमागी नक्सल कहा था, जिसके बाद बीजेपी प्रवक्ता ने इसे फर्जी करार देते हुए सीजेपी प्रवक्ता से पोस्ट हटाने और माफी मांगने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. 

हालांकि, दास ने बाद में इस पोस्ट को हटा दिया और एक्स पर सफाई देते हुए कहा कि यह एआई से बनाया गया था, लेकिन उन्होंने बीजेपी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि वे वही बात दोहराएं और भाटिया से व्यक्तिगत रूप से पूछा कि क्या वे इस बयान से सहमत नहीं हैं? 

सौरव दास ने जो पहले पोस्ट किया था, उसमें कहा था कि स्वतंत्र भारद्वाज नाम का व्यक्ति दिमागी नक्सल है. उसके अंदर जातिवाद का जहर है. बीजेपी का इस व्यक्ति से कोई लेना-देना नहीं है. 

इसके बाद भाटिया ने प्रतिक्रिया देते हुए इस पोस्ट को फर्जी करार दिया. उन्होंने दास से कहा कि आपके पास पोस्ट हटाने और बिना शर्त माफी मांगने के लिए 24 घंटे हैं. 

स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ क्या है पूरा मामला? 
यह मामला जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान सीजेपी एक्टिविस्ट निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले से जुड़ा है. सीजेपी की तरफ से आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज और अन्य लोगों ने उन पर हमला किया था, वहीं भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में दावा किया है कि उन्होंने निशु के पिता का सिर फोड़ दिया था. इसके अलावा भारद्वाज ने कहा था कि इसके बाद भी उन्हें जेल नहीं हुई. दुनिया को यह पता होना चाहिए. मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा.

हालांकि, सीजेपी और कांग्रेस की टीम की तरफ से शुक्रवार को संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज पर केस दर्ज किया, साथ ही उसे देर रात यूपी के बुलंदशहर से अरेस्ट भी कर लिया. इधर, शनिवार को पटियाला कोर्ट ने उसकी एक दिन की रिमांड भी पुलिस को सौंपी है.  



Source link