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गाय और भैंस पालने वाले लोगों के लिए उनका खान-पान सबसे जरूरी चीजों में से एक है. पशु को अगर जरूरत से कम चारा दिया जाए तो उसका शरीर कमजोर होने लगता है और दूध भी कम हो सकता है. वहीं जरूरत से ज्यादा चारा देने से भी पशु को परेशानी हो सकती है. इसलिए पशु की उम्र, वजन, दूध देने की मात्रा और उसकी सेहत के हिसाब से चारा देना चाहिए. पशु विशेषज्ञ भी संतुलित आहार देने की सलाह देते हैं, जिसमें हरा चारा, सूखा चारा और दाना शामिल होता है.

गाय-भैंस को कितना चारा देना चाहिए?

दुधारू पशु को चारा उसकी जरूरत के हिसाब से देना चाहिए. आम तौर पर एक बड़ी गाय या भैंस को उसके शरीर के वजन के हिसाब से सूखा और हरा चारा दिया जाता है. हरे चारे में बरसीम, ज्वार, मक्का और बाजरा जैसी फसलें शामिल की जाती हैं. वहीं सूखे चारे में भूसा दिया जाता है. पशु को सिर्फ एक तरह का चारा देने के बजाय अलग-अलग तरह के चारे को मिलाकर देना बेहतर रहता है. दुधारू पशु को दूध देने के लिए अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है, इसलिए उसके खाने में दाना भी शामिल किया जाता है. चारे की सही मात्रा पशु के वजन और दूध की मात्रा के अनुसार तय की जाती है.

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दूध के हिसाब से बढ़ाएं दाना

दुधारू गाय या भैंस जितना ज्यादा दूध देती है, उसे उतने ही ज्यादा पोषक आहार की जरूरत होती है. इसलिए केवल हरा और सूखा चारा देना पर्याप्त नहीं होता. उसके आहार में दाना, खली और दूसरी पोषक चीजें भी शामिल की जाती हैं. सामान्य तौर पर दूध की मात्रा के हिसाब से दाने की मात्रा तय की जाती है. लेकिन हर पशु की जरूरत अलग होती है. ज्यादा दाना एक साथ देने के बजाय उसे दिन में दो या तीन बार देना बेहतर रहता है. इससे पशु का पाचन ठीक रहता है और उसे खाना पचाने में परेशानी कम होती है. पशु को साफ पानी भी पर्याप्त मात्रा में देना बहुत जरूरी है.

चारे के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान

पशु को चारा देते समय उसकी सेहत और उम्र का भी ध्यान रखना चाहिए. गर्भवती गाय या भैंस, छोटे बछड़े और ज्यादा दूध देने वाले पशु की जरूरत अलग होती है. खराब, सड़ा या फफूंद लगा चारा कभी नहीं देना चाहिए. इससे पशु बीमार पड़ सकता है. हरे चारे को साफ करके और जरूरत के अनुसार काटकर देना अच्छा रहता है. चारे में नमक और खनिज मिश्रण देने की सलाह भी पशु विशेषज्ञ देते हैं. अगर पशु अचानक खाना कम कर दे, कमजोर दिखाई दे या दूध कम करने लगे तो पशु डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. सही मात्रा में चारा, साफ पानी और संतुलित आहार देने से पशु स्वस्थ रहता है और दूध उत्पादन भी बेहतर बना रहता है.

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