6 जून 1988 नेहा कक्कड़ का जन्म ऋषिकेश के बेहद गरीब परिवार में हुआ। तीन भाई-बहनों में नेहा सबसे छोटी थीं। सोनू कक्कड़ (सिंगर) और टोनी कक्कड़ (सिंगर-कंपोजर) उनसे बड़े थे। पिता के पास गुजारे के लिए कोई पक्की नौकरी नहीं थी। वो पत्नी निती कक्कड़ और 3 बच्चों के साथ ऋषिकेश के एक 10 बाय 10 के किराए के कमरे में रहते थे। गरीबी का वो आलम था कि घर में किचन तक नहीं था। मां उसी कमरे में एक टेबल रखकर उस पर खाना पकातीं। उसी कमरे में सब उठते-बैठते, सोते, खेलते। नेहा महज 4 साल की थीं, जब पिता रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली शिफ्ट हो गए। वो एक छोटे से स्कूल के बाहर समोसे बेचने लगे। बड़ी बहन सोनू उसी स्कूल में पढ़ती थीं। स्कूल में पिता के काम के चलते उनका जमकर मजाक बनाया जाता था, जिससे वो काफी रोती थीं। परिवार का गुजारा मुश्किल होने लगा, तो पिता ने बड़ी बेटी सोनू कक्कड़ के साथ जगराते में गाना शुरू कर दिया। पिता को लिखने का शौक था, तो वो खुद जगराते के लिए गाने लिखा करते थे। समय के साथ भाई टोनी और फिर 4 साल की उम्र में नेहा ने भी पिता की आर्थिक मदद करने के लिए जगराते में गाना शुरू कर दिया। पूरा परिवार रिक्शे से जगराता करने जाता था। हर जगराते के उन्हें 500 रुपए तक मिलने लगे और घर के हालात भी बेहतर हो गए। समय के साथ पिता ने ट्रेवलिंग के लिए एक वैन ले ली। जब भी कभी रातभर जगराता होता, तो पिता वैन के पी
