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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पूर्व उप निदेशक निरंजन सिंह बुधवार को पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले अकाली दल वारिस पंजाब दे में शामिल हो गए. पूर्व पुलिस उपाधीक्षक बलविंदर सिंह सेखों भी विधायक मनप्रीत सिंह अयाली और जेल में बंद खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए. पार्टी में इस नई एंट्री को आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, बीजेपी और शिअद के लिए बढ़ती मुश्किलों के तौर पर देखा जा रहा है.

.पूर्व ईडी अधिकारी का पार्टी में स्वागत करते हुए अयाली ने कहा कि निरंजन सिंह के शामिल होने से अकाली दल वारिस पंजाब दे को मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि निरंजन सिंह ने हमेशा मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ लड़ाई लड़ी.

पार्टी में शामिल होने के बाद सिंह ने पंजाब में मादक पदार्थों की समस्या तथा भ्रष्टाचार का जिक्र किया और ‘बिगड़ती’ स्थिति को लेकर चिंता जताई.यह पूछे जाने पर कि क्या वह राज्य विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, सिंह ने कहा कि उन्होंने अभी इस बारे में विचार नहीं किया है.सिंह ने मंगलवार को जालंधर स्थित अपने आवास पर अयाली और तरसेम सिंह से मिलने के बाद पार्टी में शामिल होने का फैसला किया.

मजीठिया से पूछताछ कर चुके हैं सिंह

मई 2021 में सेवानिवृत्त हुए निरंजन सिंह ने कई चर्चित मादक पदार्थ मामलों की जांच की थी, जिनमें करोड़ों रुपये के जगदीश भोला मादक पदार्थ तस्करी मामले की जांच भी शामिल है.उन्होंने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच किए गए इस मामले में पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और सरवन सिंह फिल्लौर समेत कई वरिष्ठ नेताओं से पूछताछ की थी.

बाद में सिंह का जालंधर से कोलकाता तबादला कर दिया गया था, जिसे बाद में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया था.

सिंह के वारिस पंजाब दे में आने पर पार्टी की ओर से अधिकृत बयान में कहा गया- ईमानदार और अनुभवी अधिकारियों को शामिल करने से न केवल पार्टी मजबूत हो रही है, बल्कि यह पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य में क्षेत्रीय पार्टी ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ को मजबूती से स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभा रही है.

बता दें अकाली दल वारिस पंजाब दे का नेतृत्व सांसद अमृतपाल सिंह करते हैं, जो 2023 में अजनाला थाने पर हमले के मामले में असम की जेल में बंद हैं.

 



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