पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से सियासी हलचल तेज हो गई है. इस बार सिर्फ पंजाब के नेता ही मैदान में नहीं हैं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के बड़े चेहरे भी अपनी-अपनी पार्टियों के लिए मोर्चा संभालते नजर आ रहे हैं. बीजेपी ने जहां हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सक्रिय किया है, वहीं कांग्रेस ने राजस्थान के सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी दी है. आम आदमी पार्टी भी अपने संगठन और बड़े नेताओं के जरिए चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने में जुटी है.
कांग्रेस के लिए पंजाब में चुनावी तैयारी के साथ-साथ अंदरूनी खींचतान को खत्म करना भी बड़ी चुनौती है. पार्टी हाईकमान ने इसी को देखते हुए राजस्थान के सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया है.
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पायलट 15 सितंबर को पंजाब पहुंचेंगे. इस दौरान वह चंडीगढ़ में कांग्रेस के प्रदर्शन का नेतृत्व भी करेंगे. पार्टी की तैयारी नशे के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने की है. गुलजार सिंह की मौत के मामले को भी कांग्रेस इसी मुद्दे से जोड़कर सरकार पर हमला बोलने की तैयारी में है.
बॉर्डर से लेकर शहरों तक बीजेपी की नजर
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पिछले कुछ समय से पंजाब में लगातार दौरे कर रहे हैं. उनका फोकस खास तौर पर हरियाणा से सटे विधानसभा क्षेत्रों पर दिखाई दे रहा है. इन इलाकों में पार्टी का संगठन मजबूत करने के साथ-साथ सैनी स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधे मुलाकात कर रहे हैं.
बीजेपी की कोशिश उन सीटों पर अपनी स्थिति मजबूत करने की है, जहां शहरी और हिंदू मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. पार्टी को उम्मीद है कि इन क्षेत्रों में मेहनत करके चुनाव में बड़ा बदलाव किया जा सकता है. सैनी की मौजूदगी को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
सतीश पूनिया ने संभाली संगठन की कमान
पंजाब बीजेपी के नए प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया भी अब सक्रिय हो गए हैं. राजस्थान से आने वाले पूनिया लगातार पार्टी नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं और चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं.
बीजेपी नशे के मुद्दे को भी चुनावी अभियान में जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है. पार्टी की प्रस्तावित नशा विरोधी यात्रा को लेकर पूनिया तैयारियों में जुटे हैं. इससे साफ है कि बीजेपी पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशे जैसे मुद्दों को बड़ा चुनावी हथियार बनाने की कोशिश कर रही है.
आप ने भी तेज किया अपना चुनावी अभियान
सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी भी पीछे नहीं है. पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल लगातार पंजाब में सक्रिय हैं और धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. आने वाले दिनों में भी उनके पंजाब के कई बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना है.
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दूसरी ओर हरियाणा से आने वाले आप के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा भी पंजाब के मुद्दों पर लगातार बयान दे रहे हैं. हाल में एसआईआर की सूची से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम हटाए जाने के मुद्दे पर उन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार को घेरा था.
पंजाब में चुनावी बिसात अभी से बिछती दिखाई दे रही है. पड़ोसी राज्यों के नेताओं की बढ़ती सक्रियता बता रही है कि आने वाले समय में पंजाब की सियासत और ज्यादा गरमाने वाली है.