पंजाब के फाजिल्का में बीती रात हुई बारिश ने अनाज मंडी में सरकारी इंतजामों की पोल खोल दी. बारिश के बाद मंडी में इतना पानी भर गया कि किसानों की धान की फसल डूब गई. कई जगहों पर धान की ढेरियां पानी में नजर नहीं आ रही थीं. सुबह मंडी पहुंचे किसान अपनी मेहनत से तैयार की गई फसल को तलाशते दिखे. किसानों का कहना है कि इस नुकसान से उन्हें भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
किसान राम प्रताप ने बताया कि वह बीती रात अपनी तीन एकड़ की धान की फसल लेकर मंडी पहुंचे थे. फसल मंडी में उतार दी गई थी, लेकिन बारिश के बाद वहां इतना पानी भर गया कि अब उन्हें अपनी फसल का पता नहीं चल रहा है. उन्होंने बताया कि पानी के नीचे उनकी धान की ढेरियां कहां हैं, यह तक समझ नहीं आ रहा.
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वहीं, गांव चवाड़ीयावाली से मंडी पहुंचे किसान श्री राम ने इस नुकसान के लिए सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया. किसानों का कहना है कि अगर मंडी में पानी की निकासी का सही इंतजाम होता, तो उनकी फसल को इस तरह नुकसान नहीं उठाना पड़ता.
आढ़ती एसोसिएशन ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
मामले पर आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान गोल्डी सचदेवा ने कहा कि मंडी में पानी की निकासी की व्यवस्था कराने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी. जब से उन्होंने एसोसिएशन के प्रधान की जिम्मेदारी संभाली है, तब से इस समस्या को प्रशासन के सामने रखा जा रहा है. इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
गोल्डी सचदेवा के मुताबिक, अगर समय रहते पानी की निकासी के उचित इंतजाम किए गए होते, तो किसानों की फसल को इस तरह नुकसान नहीं पहुंचता. उन्होंने बताया कि मंडी में करीब 8 लाख बैग धान पड़ा है और बारिश के कारण बड़ी मात्रा में फसल प्रभावित हुई है.
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किसानों को मुआवजे की उम्मीद
बारिश के बाद मंडी में पैदा हुए हालात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. किसानों और आढ़तियों ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं. अब किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन नुकसान का आकलन करेगा और प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कदम उठाएगा.