पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) संपन्न होने के बाद अब चुनाव आयोग ने सोमवार को राज्य के लिए अंतिम वोटर लिस्ट जारी कर दी है. अंतिम वोटर लिस्ट में 2.01 करोड़ योग्य वोटर शामिल हैं, जिनमें से 1.03 करोड़ पुरुष वोटर, 97 लाख महिला वोटर और 506 थर्ड-जेंडर वोटर हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम वोटर लिस्ट में नए वोटरों के जुड़ने और अयोग्य वोटरों के हटाने से कुल वोटरों की संख्या 13.60 लाख से कम हो गई है. SIR से पहले कुल वोटरों की संख्या 2.14 करोड़ वोटर थी. साथ ही 86,038 को पूरी जांच-पड़ताल के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया है.
क्यों हटे 13.60 लाख वोटर?
रिपोर्ट के अनुसार, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 13.60 लाख लाख मतदाता ऐसे थे जो या तो विस्थापित हो चुके हैं या उनकी मौत हो चुकी है या उनका कुछ पता नहीं चल सका है. करीब 7.97 लाख नए वोटर अंतिम लिस्ट में जोड़े गए हैं, जिनमें 18 से 19 साल के युवा वोटरों की संख्या करीब 2.93 लाख है. ये मतदाता 2027 के विधानसभा चुनावों में पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
86 हजार वोटर आपात्र क्यों घोषित हुए?
बता दें कि 13 अगस्त 2026 को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी किया गया था तब 9.44 लाख मतदाता ऐसे पाए गए थे जो पंजाब से कहीं बाहर शिफ्ट हो चुके हैं. वहीं, करीब 5.74 लाख वोटरों की मौत हो चुकी थी, जबकि 4.12 लाख वोटरों का पता नहीं सकता. वहीं, करीब 1.19 लाख डुप्लीकेट वोटरों के नाम हटाए गए थे.
वहीं, 5.49 लाख से अधिक लोगों को नोटिस भेजा था क्योंकि इनकी जानकारी में थोड़ी कमियां थी. नोटिस के बाद अधिकारियों ने हर वोटर की पहचान, उसका एड्रेस जांच किया और उन्हें उनका पक्ष रखने का अवसर दिया. इस पूरी प्रक्रिया के बाद 86,038 वोटर आपात्र पाए गए हैं.
दावे और आपत्तियां के लिए क्या करें?
यदि किसी वोटर का नाम किसी कारणवश सूची में नहीं जुड़ सका है तो वो अपने इलाके संबंधित बूथ स्तर के अधिकारी (Booth Level Officer) के जरिए फॉर्म 6 भरकर ऑनलाइन या ऑफलाइन अप्लाई कर सकता है. इसको लेकर पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) अनिंदिता मित्रा ने प्रदेश के उन लोगों से अपील भी की है.
राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया रही?
अंतिम वोटर लिस्ट की जानकारी पंजाब की CEO ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों की अंतिम वोटर लिस्ट की कॉपी और सॉफ्ट कॉपी भी सौंप दी है. शिरोमणि अकाली दल (SAD) के मख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने इसपर कोई आपत्ति नहीं जताई है. वहीं, AAP और कांग्रेस ने सूची की बूथ स्तर पर जांच करने की बात कही है. AAP के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए जाने पर उन्हें संदेह है.
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