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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पंजाब ने पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक मर्यादा के कथित उल्लंघन के मामले में तीन नेताओं को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है. संगरूर में 25 अगस्त 2026 को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों को लेकर पार्टी की अनुशासन समिति ने यह कार्रवाई की है.

नोटिस पाने वाले नेताओं में रणदीप सिंह देओल (पूर्व जिला अध्यक्ष, बीजेपी संगरूर), मनिंदर सिंह कपियाल (पूर्व जिला अध्यक्ष, बीजेपी संगरूर), और जतिंदर कालरा (पूर्व प्रदेश सेल्स समन्वयक, बीजेपी पंजाब) शामिल हैं. पार्टी ने इन तीनों से जवाब तलब किया है.

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पार्टी ने जारी किया नोटिस

पार्टी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि इन नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लिया और कथित तौर पर पार्टी के आंतरिक मामलों तथा संगठनात्मक मुद्दों पर ऐसे बयान दिए, जो बीजेपी की स्थापित नीति और अनुशासन के अनुरूप नहीं थे. अनुशासन समिति के अनुसार, प्रथम दृष्टया इन बयानों से पार्टी की छवि, विश्वसनीयता और संगठनात्मक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है.

बीजेपी संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों नेताओं से नोटिस प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा है. उनसे पूछा गया है कि पार्टी अनुशासन के उल्लंघन और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोपों पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए.

इन बातों पर मांगा गया जवाब

नोटिस में तीनों नेताओं से प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी भूमिका, उनके द्वारा दिए गए बयानों और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के उद्देश्य के बारे में भी स्पष्ट जानकारी देने को कहा गया है. बीजेपी ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब नहीं दिया गया, तो पार्टी संविधान और नियमों के तहत बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

ये कारण बताओ नोटिस सोम प्रकाश, अध्यक्ष, अनुशासन समिति, और बीजेपी पंजाब द्वारा जारी किए गए हैं. अनुशासन समिति ने तीनों नेताओं को नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण दाखिल करने के लिए कहा है. नोटिस में पूछा गया है कि पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने और संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए?

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