शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पंजाब के मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा हुई. सुखबीर बादल ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर अपनी चिंताएं प्रधानमंत्री के सामने रखीं.इसके साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार की विभिन्न योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया और इस संबंध में अपना पक्ष रखा.
इस मुलाकात को लेकर सियासत भी तेज हो गई है. बीते कुछ दिनों में भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के बयान आए हैं जिनसे यह संकेत मिल रहे हैं कि साल 2020 में टूटा अलायंस एक बार फिर हो सकता है. हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है.
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बता दें पंजाब में बीजेपी और शिअद के बीच 24 सालों का अलायंस, तीन कृषि कानूनों के मुद्दे पर टूट गया था. उसके बाद साल 2022 में हुए चुनावों में दोनों ही पार्टियों को विधानसभा चुनाव और फिर 2024 में हुए लोकसभा चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा था.
आम आदमी पार्टी लगातार यह दावा कर रही है कि भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच अलायंस होगा.
हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने भी पंजाब में अलायंस को लेकर यह दावा किया था कि हम पहले यह देखेंगे कि कौन हमारी विचाराधारा के साथ आ सकता है.