अमृतसर मे ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या करने में शामिल था शख्स का देर रात एनकाउंटर हो गया. पुलिस ने उसे जांच के दौरान रुकने का इशारा किया लेकिन हत्या के आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी. इसके जवाब में पुलिसिया कार्रवाई के दौरान उसे गोली लगी. बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. बता दें ASI हरजीत सिंह की हत्या रात में पेट्रोलिंग ड्यूटी के दौरान हुई थी.
अमृतसर के CP हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि, ‘हम 18 तारीख को हुई ASI हरजीत सिंह की हत्या के मामले पर बहुत गंभीरता से काम कर रहे थे. हमने पूरे शहर में चेकपॉइंट बनाए थे, जिनमें से एक ठंडा रोड पर भी था. पक्की जानकारी मिलने पर हमने ‘रेड अलर्ट’ जारी किया था. जब हमने ठंडा रोड पर बने चेकपॉइंट पर संदिग्ध को रुकने का इशारा किया, तो उसने गोली चला दी. उसने चार राउंड फायरिंग की और हमने बचाव में छह राउंड फायरिंग की. हमारी एक गोली उसे लगी. हमने तुरंत उसे फर्स्ट एड के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.
गिल ने बताया कि डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ (अस्पताल पहुंचने से पहले मृत) घोषित कर दिया. इस बीच, उसके साथ मौजूद एक और संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा. हम उसका पीछा कर रहे हैं और हमारी टीमें उसके पीछे लगी हैं; हम उसे बहुत जल्द पकड़ लेंगे.
आरोपी का क्या है पाकिस्तानी कनेक्शन?
उन्होंने कहा कि, ‘पाकिस्तान का रहने वाला एक व्यक्ति, जो विदेश से काम कर रहा था, उसी ने उन्हें बहकाया था. उसने उन्हें पैसे का लालच दिया और नशीले पदार्थों के धंधे में शामिल करने का वादा किया. असल में, उसने उनकी वफादारी का सबूत मांगा था ताकि वे उसके कंट्रोल और दबाव में रहें. उसने उन्हें अकेले पुलिस अधिकारी को निशाना बनाने, उसकी हत्या करने और इस घटना का वीडियो बनाने का काम सौंपा था. उन्होंने हरजीत सिंह का वीडियो तब बनाया जब वे गिरे हुए थे और वह फुटेज उस साइट पर भेज दिया. जब उनके मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच होगी, तो वह वीडियो मिल जाएगा. हम उनके लोकेशन कोऑर्डिनेट्स का इस्तेमाल करके पक्का लिंक भी बनाएंगे और कोर्ट में एक मजबूत केस पेश करेंगे.’