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पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की सोशल मीडिया पर लगातार आलोचना हो रही है. उन्हें इन आलोचनाओं का सामना एक अफगान महिला पत्रकार के साथ हुई बातचीत के दौरान एक इशारे को लेकर हुई है. पत्रकार ने उनसे तालिबान के साथ पाकिस्तान के रिश्तों और अफगान महिलाओं के साथ हो रहे बर्ताव  को लेकर उनका रुख जानना चाहा था. यह पूरा घटनाक्रम यूएन जनरल असेंबली में 81वें सेशन के दौरान का है. 

पत्रकार ने आसिफ से पूछा कि अफगान महिलाओं के प्रति तालिबान की नीतियों को लेकर पाकिस्तान का मैसेज है. जब तालिबान पाकिस्तान का दोस्त माना जाता था, तब उनकी नीतियों पर सवाल क्यों नहीं उठाए गए है.

क्या है वीडियो में, जिस पर हो रही आसिफ की आलोचना?

वायरल वीडियो में अफगानिस्तान की पत्रकार पूछते हुए नजर आ रही हैं कि अब तालिबान के लिए आपका क्या संदेश है, क्या उन्हें अफगान महिलाओं के प्रति अपनी नीति बदलनी चाहिए? शुरुआत में पाकिस्तान उन्हें यह क्यों नहीं सिखाया? 

इसी बीच आसिफ उन्हें रोकते हैं, और इन सवालों का सीधा जवाब नहीं देते हैं. फिर उन्होंने पत्रकार के पहनावे की ओर इशारा करते हुए कहा कि वहां इस तरह वापस मत जाना, वे वरना वे…और साथ ही उन्होंने अपनी गर्दन घुमाई और इशारा किया. हालांकि, इस वीडियो की पुष्टी नहीं की जा सकती है. 

इधर, आसिफ के इशारे के तरीके पर सोशल मीडिया यूजर्स ने आलोचना की है. उनका मानना था कि इसका मतलब यह था कि अगर पत्रकार अफगानिस्तान लौटती हैं, तो उनकी जान जा सकती है. यूजर्स ने आसिफ और उनके साथ खड़े लोगों की भी आलोचना की, क्योंकि वे उनकी बात सुनकर हंसने लगे थे. 

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव

इधर, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है. गुरुवार को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में 10 जगहों पर सटीक हवाई और ड्रोन हमले किए. सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा है कि ये हमले एक दिन पहले अफगानिस्तान से छोड़े गए ड्रोन के जवाब में किए गए थे. पाकिस्तान के अखबार की मानें तो तरार ने कहा है कि जिन जगह को निशाना बनाया गया, वे कथित तौर पर ड्रोन लॉन्च करने और उन्हें रखने के लिए इस्तेमाल की जाती थीं. उन्होंने इस कार्रवाई को सटीक और सोची समझी कार्रवाई बताया है. सात ही कहा है कि ये हमले पाकिस्तान पर हमले की कोशिशों से सीधे जुड़े पहचाने गए सैन्य ठिकानों तक ही सीमित थे. 





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