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पेरेंटिंग- 13 साल की बेटी हकलाती है:बच्चे मजाक उड़ाते हैं, क्लास में कुछ बोलती नहीं, हमेशा चुप रहती है, हम उसे कैसे हेल्प करें?

​सवाल- मैं इंदौर से हूं। मेरी 13 साल की बेटी हकलाती है। हमने इसे सुधारने की बहुत कोशिश की। डॉक्टरों को दिखाया, स्पीच थेरेपिस्ट के पास गए, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हुआ। वो जैसे-जैसे बड़ी हो रही है, अपने बोलने को लेकर बहुत कॉन्शस होती जा रही है। बचपन से ही बच्चे स्कूल में उसका मजाक उड़ाते रहे हैं। इसलिए वह क्लास में भी कुछ नहीं बोलती। अब तो सबसे अलग-थलग और चुपचाप रहने लगी है। हमें समझ नहीं आता कि हम क्या करें। उसे कैसे समझाएं, कैसे सपोर्ट करें। एक्सपर्ट: डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर जवाब- सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। सबसे पहले तो मैं यह बताना चाहूंगी कि आप अकेली नहीं हैं। आपकी तरह बहुत से माता-पिता इस स्थिति से गुजरते हैं। हकलाना (Stuttering) कोई ’कमजोरी’ नहीं है, बल्कि यह एक स्पीच फ्लुएंसी डिसऑर्डर है, जो अक्सर भावनात्मक दबाव, आत्मविश्वास की कमी या न्यूरोलॉजिकल कारणों से जुड़ा होता है। ‘द स्टटरिंग फाउंडेशन’ के मुताबिक, दुनियाभर में लगभग 1% यानी 8 करोड़ से ज्यादा लोग हकलाते हैं। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में यह समस्या लगभग चार गुना ज्यादा होती है। करीब 5% बच्चे उम्र के किसी-न-किसी दौर में हकलाहट का सामना करते हैं। इनमें से लगभग 75% बच्चे बड़े होते-होते ठीक हो जाते हैं, जबकि करीब 1% में यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है। आपकी बेट  

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