हम आवाज को सिर्फ कम्युनिकेशन का जरिया मानते हैं, लेकिन यह हमारी सेहत का एक अहम संकेत भी है। आमतौर पर सर्दी-जुकाम या थकान होने पर आवाज में हल्का बदलाव होता है। कई बार आवाज में बदलाव डायबिटीज, थायरॉइड, हार्ट डिजीज या न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम्स का इशारा भी हो सकता है। दरअसल आवाज ब्रेन, लंग्स और वोकल कॉर्ड्स के कोऑर्डिनेशन से बनती है। इसलिए इनमें किसी भी गड़बड़ी का असर तुरंत आवाज पर दिखता है। ऐसे में सवाल ये है कि आवाज में हो रहे कौन-से बदलाव सामान्य हैं और किन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए? ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज जानेंगे कि आवाज कैसे सेहत का हाल बताती है। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- हमारी आवाज शरीर के किन ऑर्गन्स पर निर्भर करती है? जवाब- आवाज एक न्यूरो-मस्कुलर और रेस्पिरेटरी प्रक्रिया है, जिसमें कई अंग मिलकर काम करते हैं। सवाल- क्या आवाज में अचानक बदलाव किसी छिपी हुई हेल्थ कंडीशन का संकेत हो सकता है? जवाब- आवाज में अचानक बदलाव अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। हमारी आवाज ब्रेन, नर्व्स और रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी होती है। इसलिए कई बार बदलाव का कारण गंभीर भी हो सकता है। सवाल- आवाज में किस तरह के बदलाव कॉमन हैं? जवाब- आवाज में हल्के बदलाव सर्दी-जुकाम, एलर्जी, डिहाइड्रेशन या ज्यादा बोलने के कारण हो सकते हैं। सवाल- आवाज में किस तरह के बदलावों को गंभीरता से
