बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन ने कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी बेटी लारा को डेढ़ साल की उम्र में DDH डायग्नोज हुआ था। DDH यानी ‘डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ हिप।’ यह कंडीशन हिप जॉइंट के पूरी तरह विकसित न हो पाने से बनती है। वरुण ने बताया कि अर्ली डायग्नोसिस से उनकी बेटी की रिकवरी में मदद मिली। इस कंडीशन का जितनी जल्दी पता चल जाए, इलाज उतना ही आसान होता है। इसके लिए अवेयरनेस जरूरी है। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज DDH कंडीशन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- वरुण धवन की बेटी को हुई बीमारी DDH क्या है? जवाब- इसकी डिटेल नीचे पॉइंटर्स में देखिए– सवाल- DDH कितनी कॉमन बीमारी है? यह बच्चों को ही क्यों होती है? जवाब- ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ के मुताबिक, भारत में यह कंडीशन हर 1000 में 2-3 बच्चों को होती है। यह सामान्य बीमारी है, लेकिन इसका पता अक्सर देर से चलता है। यह जन्म से पहले के डेवलपमेंट से जुड़ी कंडीशन है। इसलिए बच्चों को होती है। सवाल- DDH का पता कैसे चलता है? जवाब- डॉक्टर इसके लिए मुख्य रूप से दो टेस्ट करते हैं, जिनसे हिप जॉइंट के ढीलेपन या डिसलोकेशन का पता चलता है- अगर डॉक्टर को DDH के लक्षण दिखते हैं तो इमेजिंग टेस्ट भी कराते हैं। शिशुओं के मामले में अल्ट्रासाउंड कराते हैं, क्योंकि उनकी हड्डियां पूरी तरह विकसित नहीं हुई होती हैं। 6 महीने के बाद बच्चे का
