Site icon haryananews247

फोन में बड़ी बैटरी का ट्रेंड:नए स्मार्टफोन में सिलिकॉन कार्बन बैटरी का इस्तेमाल; वनप्लस-ओपो ने अपनाया, सैमसंग भी रेस में

​स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बैटरी हमेशा सबसे बड़ी चिंता रही है। रोज चार्ज करना एक आदत बन चुकी है। लेकिन अब यह स्थिति बदल रही है। कंपनियां एक नई बैटरी टेक्नोलॉजी पर काम कर रही हैं, जो बिना फोन का साइज बढ़ाए ज्यादा बैटरी देने का वादा करती है। इस टेक्नोलॉजी को सिलिकॉन-कार्बन बैटरी कहा जाता है। यह नए स्मार्टफोन्स में आ रही है। हाल ही में वनप्लस के नॉर्ड-6 में पहली बार 9 हजार mAH बैटरी दी गई है। सैमसंग ने भी पुष्टि की है कि उसके आने वाले स्मार्टफोन में सिलिकॉन बैटरी लाने की योजना है।
कैसे अलग है यह बैटरी? लिथियम-आयन बैटरी में ग्रेफाइट का इस्तेमाल होता है, जहां लिथियम आयन मूव करते हैं और बिजली पैदा होती है। सिलिकॉन-कार्बन बैटरी में ग्रेफाइट की जगह सिलिकॉन का इस्तेमाल होता है। सिलिकॉन ग्रेफाइट के मुकाबले कई गुना ज्यादा लिथियम आयन स्टोर कर सकता है। इसे आसान भाषा में समझें तो जैसे एक कमरे में ज्यादा लोगों को जगह मिल जाए, वैसे ही इस बैटरी में ज्यादा ऊर्जा स्टोर हो सकती है। यूजर्स को ये तीन फायदे – इस टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि फोन का साइज बढ़ाए बिना बैटरी क्षमता बढ़ाई जा सकती है। यानी जहां पहले 5,000mAh की बैटरी मिलती थी, अब उसी साइज में 6,500mAh या उससे ज्यादा बैटरी दी जा रही है। – नई तकनीक से कंपनियाें के पास विकल्प है। वे दो तरीकेअपना सकती हैं या तो ज्यादा बै  

Exit mobile version