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  • पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद यह पहली उच्चस्तरीय बैठक थी।

भारत की राजधानी नई दिल्ली में रविवार (13 सितंबर, 2026) को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का समापन तो हो गया, लेकिन इस शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच पश्चिम एशिया संघर्ष की वजह से तंग चल रहे संबंधों में सुधार भी देखने को मिला है. इसी कड़ी में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि दोनों देश अब बीती बातों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना चाहते हैं.

राष्ट्रपति पेजेशकियान ने शनिवार (12 सितंबर, 2026) को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट 2026 के पहले दिन के दौरान यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की थी. इसके एक दिन बाद रविवार (13 सितंबर, 2026) को ईरानी राष्ट्रपति ने ईरान-यूएई के रिश्तों में सुधार को लेकर यह बड़ा बयान दिया है.

यूएई के साथ संबंधों को लेकर बोले पेजेश्कियान

दरअसल, इस साल फरवरी में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद युद्ध की शुरुआत हुई थी. इसके जवाब में तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र के अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनया, जिसका काफी ज्यादा यूएई पर भी पड़ा. ईरान की कार्रवाई से भड़के यूएई ने अगस्त महीने में कहा था कि वह ईरान के साथ ट्रेड और फाइनेंशियल एक्सचेंजेस को सस्पेंड कर रहा है. 

न्यूज एजेंसी AFP से बातचीत में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा, ‘युद्ध और पर्सियन गल्फ में हुई घटनाओं के बाद पहली बार मेरी अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ रचनात्मक बातचीत हुई और हमारे बीच यह सहमति बनी कि हम बीती बातों को पीछे छोड़कर आगे की तरफ देखें और एक साथ मिलकर अपने भविष्य को बनाएं.’

ब्रिक्स समिट के दौरान ईरान-UAE के नेताओं की बैठक

नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के पहले दिन ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की मुलाकात पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से दोनों देशों के बीच अब तक की सबसे उच्चस्तरीय बैठक थी. 

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