[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • सीईसी ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गई।

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई स्थित शिवाजी पार्क में गांधी जयंती के मौके पर शुक्रवार (2 अक्टूबर, 2026) को आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई. बुजुर्ग की मौत के पीछे दिल का दौरा पड़ने को कारण बताया गया है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवाजी पार्क पुलिस थाने के अधिकारी ने मृतक की पहचान पड़ोसी ठाणे स्थित दोस्ती वेस्ट काउंटी के बी विंग निवासी गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई के रूप में की.

मृतक बुजुर्ग के बारे में पुलिस ने दी जानकारी

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई शुक्रवार (2 अक्टूबर) को शाम करीब साढ़े 4 बजे CJP की तरफ से आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शिवाजी पार्क पहुंचे थे और प्रदर्शनस्थल पर पहुंचने के करीब आधे घंटे बाद शाम 5 बजे उन्होंने सीने में तेज दर्द की शिकायत की. इसके बाद मौके पर मौजूद उनके दोस्तों और पुलिसकर्मिंयों ने उन्हें नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई.’ 

SIR–CEC के विरोध में आयोजित हुआ था विरोध प्रदर्शन

दरअसल, मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने देश भर में वोटर लिस्टों के जारी एसआईआर, वोटों की चोरी और चुनावों में धांधली के मुद्दे पर चुनाव आयोग (ECI) के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विरोध में प्रदर्शन का आयोजन किया था. प्रदर्शन के दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य समर्थकों ने CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की.

CJP के नेतृत्व में आयोजित किए गए इस विरोध प्रदर्शन में CEC ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाते हुए व्यंग्यात्मक मीम और फिल्मों के संवाद वाली तख्तियां लेकर युवाओं की भारी भीड़ इसमें शामिल हुई. हालांकि, मुंबई पुलिस की तरफ से किसी भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले से इंतजाम किए गए थे. पुलिस ने शिवाजी पार्क में बड़ी संख्या में बैरिकेड्स लगाए थे, लेकिन इसके बावजूद भी CJP के समर्थकों के उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिली.

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके प्रदर्शनस्थल पर मंच से संबोधित करते हुए कह रहे थे कि ज्ञानेश कुमार को रिजाइन करना ही होगा. वहीं, दूसरी तरफ प्रदर्शन में पहुंचे युवा ‘ज्ञानू, तुझा डेमोक्रेसी वर भरोसा नाय के?’, ‘ज्ञानेश ब्रो, जस्ट रिजाइन’ और ‘गद्दार ज्ञानू मस्ट गो’ जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे थे. 

यह भी पढ़ेंः अभिजीत दीपके ने सहयोग के लिए मुंबई पुलिस को कहा थैंक्यू, ‘दिल्ली पुलिस कुछ…’



Source link