पंजाब के बरनाला में सुनाम के गांव शेरों में कार्यक्रम के दौरान मोहनजीत सिंह को पंजाब पुलिस द्वारा कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने के मामले ने तूल पकड़ ली है. इस बीच कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि मैं पूरे घटनाक्रम की निंदा करता हूं.” इस दौरान उन्होंने बताया कि उनकी पुलिस अधिकारियों से बात हुई है और उन्होंने साफ तौर पर कहा और अपने बच्चों की कसम खाकर कहा कि उन्होंने उसे नहीं पीटा है.
अमन अरोड़ा ने कहा कि मेडिकल जांच से प्रताड़ना के आरोपों की सच्चाई सामने आएगी. मंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने एसएसपी से बात की और मुझे बताया गया कि चोटें बहुत ताज़ा हैं और दो दिन पुरानी नहीं हैं. अरोड़ा ने आगे कहा कि एमएलआर (मेडिको-लीगल रिपोर्ट) से यह स्पष्ट होगा कि चोटें खुद पहुंचाई गई हैं या किसी तरह की प्रताड़ना हुई है.
पंजाब: संगरूर कांड पर विपक्ष हमलावर, हरसिमरत कौर ने मान सरकार पर उठाए सवा
भगवंत मान के कार्यक्रम के दौरान युवक से बर्बरता
बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम में पुलिस द्वारा सिख युवक मोहनजीत के साथ बर्बरता का मामला सामने आया है. इस पर बीजेपी ने भी कड़ी निंदा की है. बीजेपी ने कहा कि वे पीड़ित परिवार के साथ हैं. साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे.
वहीं SGPC के प्रधान एडवोकेट धामी ने पुलिस द्वारा मोहनजीत को प्रताड़ित करना गलत है. उन्होंने कहा, “गुरसिख मोहनजीत सिंह शेरों पर पुलिस द्वारा अत्याचार और ककारों की बेअदबी करने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है.”
बीजेपी अध्यक्ष ने भी दी मामले पर प्रतिक्रिया
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा, “पंजाब में हालात बहुत खराब हैं. नशा रोकने के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं.” ढिल्लों ने इस दौरान कर्मचारियो के मुद्दे को भी उठाया है. उन्होंने कहा कि जब सरकार बनी थी तो कर्मचारियों पर फूल बरसाए गए थे. अब सरकार पंजाब के कर्मचारियों को DA नहीं दे रही है. केंद्र सरकार ने 60 प्रतिशत DA दिया है. इसी वजह से आज कर्मचारी पंजाब में धरने पर बैठे हैं.
पक्का मोर्चा: किसान धरने पर, मांगे न मानने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी