[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के मंच के शुद्धिकरण वाले आरोप पर जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि यह बीजेपी और आरएसएस की मनुवादी सोच का नतीजा है. उन्होंने कहा, ‘हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद मंच का शुद्धिकरण सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि यह उस संविधान का अपमान है जिसने छुआछूत को अपराध घोषित किया.’

BJP-RSS की मनुवादी सोच का नतीजा: राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘यह कोई इकलौती घटना नहीं है. यह BJP-RSS की सालों से पाली-पोसी मनुवादी सोच का नतीजा है. वो घिनौनी सोच जो आज भी इंसान का दर्जा उसके जन्म से तय करती है, समानता और मानवता से नहीं.’

क्या है पूरा मामला?

मल्लिकार्जुन खरगे ने बीते 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित किया. रैली के बाद मैदान में जो हुआ उस पर दलित विरोधी राजनीति की चिंगारियां उठी हैं. रैली के बाद श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास नाम के हिंदूवादी संगठन ने मैदान में शुद्धि हवन किया. कांग्रेस पर आरोप लगाया कि रैली के मंच से इस्लामिक नारे लगाए गए और हिंदू संगठनों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई. पहले स्थानीय स्तर पर ही कांग्रेस ने इसका विरोध किया और शुद्धि हवन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया.

इसके बाद जैसे ही इस हवन की शंख ध्वनि दिल्ली के सियासी गलियारों तक पहुंची, इसने दलित विरोधी राजनीति का रंग ले लिया. कांग्रेस ने इसे BJP-RSS की दलित विरोधी सोच से जोड़ा. दलितों का अपमान बताते हुए बीजेपी को कठघरे में खड़ा कर दिया.

खरगे ने की मामला दर्ज करने की मांग

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मांग की है कि हल्द्वानी में मंच का शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ अनटचेबिलिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए. राज्सभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन और सदन के नेता जेपी नड्डा ने इस घटना की निंदा की. मानसून सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर खरगे ने कहा कि उन्होंने अपने भाषण में किसी धर्म या समाज के किसी वर्ग का नाम नहीं लिया था, फिर भी बीजेपी से जुड़े लोगों ने मंच का शुद्धिकरण किया.



Source link