बचपन से अमिताभ बच्चन जैसा बनने का सपना देखने वाले रणवीर सिंह का सफर संघर्ष, जुनून और आत्मविश्वास की मिसाल है। फिल्मों में जगह बनाने के दौरान उन्हें कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने समझौता करने से इनकार कर दिया। स्ट्रगल के दिनों में वह पृथ्वी थिएटर में झाड़ू-पोंछा लगाने और छोटे-मोटे काम करते रहे। इस दौरान उनके पिता ने सपना पूरा करने के लिए घर और गाड़ी बेच दी। लंबी मेहनत के बाद उन्हें बैंड बाजा बारात से बॉलीवुड में डेब्यू मिला, जिससे उन्हें पहचान मिली। उतार-चढ़ाव के बाद ‘धुरंधर’ ने उनके करियर को नई ऊंचाई पर पहुंचाया और ‘धुरंधर’ व ‘धुरंधर 2’ ने मिलकर ₹3,000 करोड़ से अधिक की वर्ल्डवाइड कमाई की है। आज की सक्सेस स्टोरी में आइए जानते हैं रणवीर सिंह के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। अमिताभ बच्चन जैसा बनना चाहता था रणवीर सिंह ने ABP के साथ बातचीत में बताया था- बचपन से ही मेरा सपना एक्टर बनने का था। मैं अमिताभ बच्चन जैसा बनना चाहता था। उनकी फिल्में जैसे शहंशाह, तूफान और अजूबा देखकर मुझे प्रेरणा मिलती थी। मैं छोटा और थोड़ा मोटा बच्चा था, लेकिन जब कोई पूछता कि बड़े होकर क्या बनोगे, तो मैं बिना सोचे कहता था-“हीरो बनूंगा।” मैं बाकी बच्चों की तरह बाहर खेलने नहीं जाता था। मैं घर में बैठकर वीसीआर पर फिल्में देखता था, म्यूजिक सुनता था और फिल्मी
