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बांग्लादेश-भारत फ्रेंडशिप पाइपलाइन के जरिए भारत से बांग्लादेश को लगभग 5,000 मीट्रिक टन डीजल भेजा जा रहा है. पश्चिम एशिया में तनाव के कारण दुनियाभर में हो रही दिक्कतों के बीच बांग्लादेश में फ्यूल की कमी हो गई है. बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के अधिकारियों ने बताया कि कल दोपहर 3:20 बजे असम की नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड से ईंधन की पंपिंग शुरू हुई. उम्मीद है कि ये डीजल लगभग 44 घंटों में दिनाजपुर के परबतीपुर डिपो तक पहुंच जाएगा.
 
BPC के कॉमर्स और ऑपरेशन्स के जनरल मैनेजर मुहम्मद मोर्शेद हुसैन आजाद ने बताया कि हर घंटे लगभग 113 मीट्रिक टन डीजल पंप किया जा रहा है और पूरी खेप के कल शाम तक पहुंचने की उम्मीद है. 131 किलोमीटर लंबी यह क्रॉस-बॉर्डर पाइपलाइन भारत में सिलीगुड़ी मार्केटिंग टर्मिनल को उत्तरी बांग्लादेश के परबतीपुर डिपो से जोड़ती है. इसे 2023 में आधिकारिक तौर पर शुरू किया गया था ताकि ईंधन का ट्रांसपोर्ट तेजी से और कम लागत में हो सके.

पाइपलाइन के चालू होने से पहले रिफाइनरी से बांग्लादेश तक डीजल रेल वैगन के जरिए पहुंचाया जाता था. BPC के चेयरमैन मुहम्मद रेज़ानुर रहमान ने कहा कि यह शिपमेंट एक लंबे समय के समझौते का हिस्सा है, जिसके तहत भारत पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को हर साल लगभग 1,80,000 मीट्रिक टन डीजल सप्लाई करता है.
 
ग्लोबल ऑयल मार्केट में उतार-चढ़ाव
अधिकारियों ने कहा कि यह सप्लाई इसलिए भी अहम है, क्योंकि ग्लोबल ऑयल मार्केट में उतार-चढ़ाव बना हुआ है. इसकी वजह भू-राजनीतिक तनाव है, जिसका असर अहम समुद्री रास्तों से होने वाली सप्लाई पर पड़ रहा है. उम्मीद है कि इस नई खेप से उत्तरी बांग्लादेश में बिजली उत्पादन, ट्रांसपोर्ट और खेती के लिए जरूरी ईंधन का स्टॉक बनाए रखने में मदद मिलेगी. इस बीच बांग्लादेश ने इसी पाइपलाइन के जरिए अगले 4 महीनों में भारत से अतिरिक्त 50,000 मीट्रिक टन डीजल आयात करने का प्रस्ताव भी दिया है, जिस पर अभी विचार किया जा रहा है.

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