लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण समिति का पुनर्गठन किया है. कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को संसदीय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. ओम बिरला द्वारा पुनर्गठित समिति का गठन 26 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा.
कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सांसद शामिल किए गए. चरणजीत सिंह चन्नी के अलावा लोकसभा सदस्यों में राजकुमार चाहर, चंद्र प्रकाश चौधरी, अनीता नागर सिंह चौहान, कुलदीप इंदौरा और तेजस्वी सूर्या समेत कई सांसद शामिल हैं. वहीं राज्यसभा सांसदों में अनिल सुखदेव बोनडे, बंशीलाल गुर्जर, महेश केठ, मदन राठौड़ और रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत 10 सांसद शामिल हैं.
इन विषयों पर काम करेगी समिति
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित समिति कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े विषयों पर संसदीय कार्य करेगी. कमेटी शाखा की ओर से जार आदेश के मुताबिक, चरणजीत सिंह चन्नी को समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया है.
चन्नी वडिंग के बीच पंजाब में चल रहा था विवाद
पंजाब कांग्रेस में बीते दिनों से चल रहे चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह वडिंग के बीच विवाद से सियासत गरमाई हुई है. हालांकि पार्टी ने दोनों के बीच के विवाद को सुलझाते हुए अमरिंदर सिंह को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाकर परगट सिंह को अध्यक्ष नियुक्त किया है.
फिलहाल पार्टी ने इस विवाद को अमरिंदर सिंह के अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद परगट सिंह को नियुक्त कर खत्म करने की कोशिश की है. वहीं अमरिंदर सिंह वडिंग ने इस्तीफे के बाद कहा कि आखिरकार चरणजीत सिंह चन्नी जीत गए. उनको उनकी जीत मुबारक. ऐसे में अब चन्नी को लोकसभा अध्यक्ष की ओर से मिली नई जिम्मेदारी के बाद सियासी हलचल बढ़ गई है.
बताया जा रहा था कि चरणजीत सिंह चन्नी राजा वडिंग को कांग्रेस द्वारा दोबारा अध्यक्ष बनाए जाने से नाराज चल रहे थे. इसका उन्होंने जमकर विरोध किया था. पार्टी ने इस विवाद को खत्म करने के लिए शुक्रवार को बड़ा फैसला लेते हुए अध्यक्ष बदल दिया.
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