फिल्म हॉन्टेड 3डी: इकोस ऑफ द पास्ट के कलाकार मिमोह चक्रवर्ती और चेतना पांडे ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपने संघर्ष, फिल्म और निजी अनुभव साझा किए। चेतना ने बताया कि वह एक्टिंग का सपना लगभग छोड़ चुकी थीं, लेकिन विक्रम भट्ट के एक फोन ने उनकी जिंदगी बदल दी। मिमोह ने फिल्म की कहानी को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया। दोनों कलाकारों ने शूटिंग के किस्से, हॉरर फिल्मों के अनुभव, मिथुन चक्रवर्ती से मिली सीख और फिल्म की खासियतों पर बात की। सवाल: ‘हॉन्टेड 3डी: इकोस ऑफ द पास्ट’ तक पहुंचने का आपका सफर कैसा रहा? जवाब/चेतना पांडे: इस फिल्म से मेरा जुड़ाव किस्मत जैसा है। मुंबई आए मुझे काफी समय हो गया है और मेरी संघर्षभरी यात्रा रही है। आउटसाइडर होने पर बहुत मेहनत और ऑडिशन देने के बाद भी कई बार लगता है कि बड़े सपने पूरे नहीं होंगे। मैं नैनीताल से हूं। इंडस्ट्री में आने के बाद समझ आया कि यहां जगह बनाना आसान नहीं है। मैंने छोटे-छोटे रोल किए, जैसे शाहरुख खान की फिल्म दिलवाले में काम किया। कई बार लगा कि अब वह मौका नहीं मिलेगा, जिसका मैं इंतजार कर रही हूं। लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। करीब तीन साल पहले मेरी मुलाकात विक्रम भट्ट सर से हुई थी। उस समय मैं लगभग अपने सपने छोड़ चुकी थी। मैंने उनसे कहा था कि मैंने बहुत मेहनत की है, लेकिन अब लगता है कि मुझे वह मौका नहीं मिलेगा। उन्ह
