फरीदकोट से सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है.
झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक भीड़भाड़ वाले बाजार में स्थित मेडिकल स्टोर के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. झोटा पर गोली चलाने वाले मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में ले चुकी है. आरोप है कि झोटा ने एक बुजुर्ग को नशीली दवा बेचने पर उससे सवाल किया था.
CM भगवंत मान बोले- ‘परविंदर सिंह झोटा की हत्या की होगी गहन जांच’
पत्र में और क्या लिखा?
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक खालसा ने अपने पत्र में झोटा की हत्या की निष्पक्ष जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपने की मांग की. अकाली दल वारिस पंजाब दे के नेता खालसा ने मुख्य आरोपी के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज होने के आरोपों का जिक्र करते हुए उसके शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाने की भी जांच कराने की मांग की. उन्होंने आशंका जताई कि स्थानीय पुलिस की जांच प्रभावित हो सकती है, जिससे झोटा के परिवार का स्थानीय स्तर पर जांच से भरोसा उठ गया है. दरअसल, इस हत्या के मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन इसके बावजूद उसे शस्त्र लाइसेंस करना कई सवाल खड़ करता है.
कैसे और क्यों हुई थी परविंदर सिंह झोटा की हत्या?
बता दें कि परविंदर सिंह झोटा दवा की दुकानों में नशे वाली दवाइयों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे. 13 अक्टूबर 2026 को मानसा के एक व्यस्त बाजार में एक मेडिकल स्टोर के अंदर नशीली दवा को बेचने का विरोध किया था. ये दुकान आरोपी केमिस्ट अश्वनी कुमार की थी जो एक बुजुर्ग को कथित तौर पर प्रतिबंधित नशीली दवाएं बेच रहा था. झोटा ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच बहस हो गई.
झोटा ने फेसबुक पर लाइव करके सच दिखाया को गुस्साए अश्वनी कुमार ने अपनी पिस्तौल निकाल ली और झोटा पर गोली चला दी. झोटा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी. अश्वनी कुमार वही दुकानदार है जिसे साल 2023 में झोटा ने सिंथेटिक ड्रग्स बेचने का आरोप लगाया था और उसके गले में जूतों की माला पहनाई थी और बाजार में घुमाया था.