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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने शुक्रवार (14 अगस्त, 2026) को अपने संसदीय क्षेत्र कृष्णानगर में स्थित सर्किट हाउस के कमरे को खाली करने के लिए आए संदेश के मामले को लेकर शनिवार (15 अगस्त, 2026) को कहा कि वह इस पूरे मामले को लेकर लोकसभा अध्यक्ष के सामने प्रिविलेज मोशन लाएंगी. उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि कल (14 अगस्त को) मैं होगलबरिया में आयोजित एक कार्यक्रम में गई थी. इसके बाद मैं सर्किट हाउस आई, क्योंकि वहां मेरी बुकिंग थी. मेरा घर करीमपुर में है और जब से मैं सांसद बनी हूं, जब भी कृष्णानगर आती हूं, तो मैं सर्किट हाउस में ही रुकती हूं.

उन्होंने कहा, ‘सरकारी नियमों के मुताबिक, ऑर्डर लिस्ट में एक सांसद का नंबर 21 है, जबकि किसी राज्य के मुख्य सचिव और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री का नंबर सर्किट हाउस में 22 या 23 है. इसका मतलब है कि अगर किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का मुख्यमंत्री भी आता है, तो चीफ सेक्रेटरी को प्राथमिकता मिलेगी और सांसद को प्राथमिकता मिलेगी और अगर जगह उपलब्ध है, तो परिवार को भी प्राथमिकता दी जाएगी.’

सर्किट हाउस में ठहरना मेरा अधिकार- महुआ मोइत्रा

टीएमसी नेता ने कहा, ‘उन्होंने मुझे शाम 7 बजे चाय दी और रात 9:20 बजे खाना दिया और रात 9:57 बजे नदिया के ADM ने मुझे फोन कर कहा कि मैं शर्मिंदा हूं, लेकिन मुझे आपको यह बताने के लिए मजबूर किया जा रहा है कि आपको सर्किट हाउस छोड़ना होगा. तब मैंने उनसे कहा कि मैं मौजूदा सांसद हूं और रात 10 बजे कहीं नहीं जाऊंगी. सर्किट हाउस में ठहरना मेरा अधिकार है.’ 

उन्होंने कहा, ‘इसके बाद मैंने फोन काट दिया और अपने परिवार के साथ विपक्षी पार्टी के सांसदों और लोगों को फोन किया. फिर रात 10:52 बजे जिला प्रशासन की एनडीसी अंकिता बेरा ने मुझे मैसेज किया. उसमें कहा गया कि जिन लोगों ने 14 अगस्त से पहले सर्किट हाउस बुक किया है, उनकी बुकिंग वैलिड रहेगी, जबकि 13 अगस्त के बाद की गई बुकिंग रद्द कर दी जाएगी. इसका कारण बताया गया कि 14 अगस्त से सर्किट हाउस में सर्विसिंग का काम होगा.’ 

सर्किट हाउस के बाहर भाजपा कार्यकर्ता लगा रहे थे नारे- महुआ

महुआ मोइत्रा ने कहा, ‘वह कारण एक सादे सफेद कागज पर लिखा था और उस पर न तो अशोक स्तंभ छपा था और न ही कोई सरकारी चिह्न बना हुआ था. इसलिए मैंने उस लेटर का जवाब नहीं दिया, क्योंकि मैं सर्किट हाउस छोड़कर नहीं जाने वाली थी.’

उन्होंने कहा, ‘इसके बाद मैंने बाहर से नारेबाजी की जोरों-शोर से आवाज सुनी. गेट के बाहर भाजपा के 50 से 100 कार्यकर्ता जय श्री राम के नारे लगा रहे थे. भाजपा कह रही है कि मैं यहां चोरी-छिपे आई थी. मैं यहां की मौजूदा सांसद हूं. मैं जब चाहूं सर्किट हाउस आ सकती हूं और जब चाहूं जा सकती हूं. यह मेरा अधिकार है. हम इस पूरे मामले को लेकर लोकसभा अध्यक्ष के सामने प्रिविलेज मोशन लाएंगे.’ 

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