दूरसंचार नियामक ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों पर शिकंजे की तैयारी कर ली है। स्पैम, अनवांटेड, फ्रॉड कॉल और मोबाइल सेवा की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतें अब इन्हें 24×7 सुननी होंगी। शिकायतें निपटाने में 15 दिन से ज्यादा विलंब होने पर कंपनियों पर अधिकतम 50 लाख रु. तक का जुर्माना लगेगा। ये बातें टेलीकॉम उपभोक्ता शिकायत निवारण (चौथे सुधार) विनियम-2026 में ड्रॉफ्ट का हिस्सा हैं। ट्राई ने इसे जनचर्चा के लिए पेश किया है। इसके मुताबिक, रिकॉर्डेड ऑटोमेटेड रिप्लाई से बात नहीं बनेगी। ग्राहक की मांग के हिसाब से महिला/पुरुष टेलीकॉलर से कनेक्ट करना जरूरी होगा। हर तरह के प्रमोशनल कॉल पर ग्राहक को कॉलबैक की सुविधा देनी होगी। ग्राहकों की दर्ज शिकायत पर हो रही कार्रवाई के अपडेट एसएमएस, ईमेल और एप पर लगातार करना होगा। गलत निपटारे पर भी दंड लगेगा 1. गलत तरीके से शिकायत बंद करने पर कंपनी का क्या होगा?
कंपनी को ₹1,000 रुपए प्रति शिकायत जुर्माना देना होगा। 2. अपील के गलत निपटारे पर कितना जुर्माना लगाया जाएगा?
हर लापरवाही पर ₹5,000 रु. प्रति अपील का दंड लगेगा। 3. एक तिमाही में अधिकतम कितना जुर्माना लग सकता है?
कुल जुर्माने की ऊपरी सीमा ₹50 लाख रु. तय की गई है। 4. तिमाही रिपोर्ट जमा करने में देरी करने पर क्या नियम है?
पहले 15 दिन की देरी पर ₹प्रति दिन 5,000 रु., उसके बाद ₹20,000/दिन लगेंगे। 5. रिपोर्टिंग
स्पैम कॉल-खराब नेटवर्क जैसी शिकायतें 15 दिन में निपटानी होंगी:नहीं तो 50 लाख जुर्माना लगेगा, TRAI ने शिकायत निवारण का ड्राफ्ट पेश किया

