[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में अगले शैक्षणिक स्तर से एडमिशन फॉर्म में जाति का कॉलम नहीं होगा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को अधिकारियों को स्कूल में प्रवेश फाॅर्म से जाति का कॉलम हटाने का निर्देश दिया. सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही जाति के आधार पर पहचान दिए जाने से रोकना और स्कूलों में समानता व भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना है.

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए. उन्होंने कहा कि सरकार समाज में जातीय भेदभाव को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है और स्कूल स्तर से ही बच्चों के बीच जाती के आधार पर किसी तरह की हीन भावना पैदा नहीं होनी चाहिए. 

सरकारी योजनाओं के लाभ में नहीं होगी परेशानी 

जाति का कॉलम हटाए जाने के बावजूद अनुसूचित जाति और दूसरे एलिजिबल वर्गों के विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा. इसके लिए जरूरत पड़ने पर छात्र अपने माता-पिता या अभिभावकों के माध्यम से जाति से संबंधित जरूरी जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे. सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है स्कूल एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटाने का मतलब यह नहीं होगा कि एलिजिबल स्टूडेंट्स को सरकारी योजनाओं से बाहर कर दिया जाएगा. योजनाओं का लाभ देने के लिए जरूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी. 

ये भी पढ़ें-जामिया में एडमिशन पर घमासान, छात्रों को जबरन हटाने का आरोप 

शिक्षा विभाग तैयार करेगा नीति 

शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने बताया कि इस फैसले को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग जल्द ही नीति तैयार करेगा. इसमें इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि सरकारी योजनाओं और पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए एलिजिबल किसी भी बच्चे को जरूरी सुविधाओं से वंचित न होना पड़े. व्यवस्था लागू होने के बाद स्कूलों के एडमिशन फॉर्म और संबंधित रिकार्ड में भी बदलाव किए जाएंगे. वहीं जिन मामलों में सरकारी योजनाओं या दूसरे प्रशासनिक जरूरत के लिए जाती से जुड़ी जानकारी जरूरी होगी, उसे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी. 

दूसरी योजनाओं का भी जिक्र 

मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराने के बाद भी कही. सरकार का उद्देश्य आर्थिक परेशानी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई न रुके, इसे सुनिश्चित करना है. इसके अलावा बैठक में मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए चल रही योजनाओं की भी जानकारी दी. वहीं सीएम ने राजीव गांधी स्टार्टअप स्वरोजगार योजना का भी उल्लेख किया. इसके अलावा सीएम ने बताया कि राज्य सरकार बहुत गरीब परिवारों के लिए अपना परिवार सुखी परिवार योजना लागू करने जा रही है.

ये भी पढ़ें-दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती का फिजिकल फिर स्थगित, ये हैं नई तारीखें

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link