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  • कंपनियाँ 4G पर केंद्रित; भविष्य में और मुश्किलों का अंदेशा।

4G Smartphone: देश में स्मार्टफोन की काफी डिमांड देखी जाती है. लोग प्रीमियम फोन से लेकर बजट स्मार्टफोन तक पसंद करते हैं. लेकिन कुछ समय से देश में स्मार्टफोन मार्केट में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है. आपको बता दें कि देश में 5जी स्मार्टफोन की कीमतों में पिछले कुछ समय से इजाफा देखने को मिला है. इसी वजह से अब एक रिपोर्ट सामने आई है जिससे ये पता चलता है कि लोग अब फिर से 4जी स्मार्टफोन की ओर चल पड़े हैं.

रिपोर्ट में हुआ खुलासा

IDC के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही में भारत में कुल स्मार्टफोन शिपमेंट में 4G फोन की हिस्सेदारी बढ़कर 11.1 प्रतिशत हो गई जबकि पिछली तिमाही में ये आंकड़ा 5.8 प्रतिशत था.

Counterpoint के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार, एंट्री-लेवल और बजट कैटेगरी में 4G स्मार्टफोन की मांग तेजी से बढ़ी है. Q2 2026 में 4G स्मार्टफोन शिपमेंट पिछली तिमाही के मुकाबले करीब 40 प्रतिशत बढ़े हैं.

5G महंगा हुआ तो 4G की ओर लौटे ग्राहक! बजट फोन की बढ़ी मांग

इस रिपोर्ट से ये साफ होता है कि आज के समय में अब लोग ज्यादा एडवांस फीचर और टेक्नोलॉजी की जगह पर बजट स्मार्टफोन को ज्यादा महत्व दे रहे हैं.

इन फोन की बिक्री में गिरावट

जानकारी के अनुसार, बढ़ती कीमतों का असर मार्केट में सबसे ज्यादा एंट्री-लेवल वाले स्मार्टफोन पर देखने को मिला है. बताया जा रहा है कि 100 डॉलर से कम कीमत वाले फोन की शिपमेंट Q2 2026 में सालाना बेस पर 74.3 प्रतिशत गिर गई है.

बता दें कि इस कैटेगरी की बाजार में हिस्सेदारी पहले 15.6 प्रतिशत थी जो अब घटकर महज 4.5 प्रतिशत रह गई है. कंपनियों का मानना है कि बढ़ती लागत के चलते अब कम कीमत वाले स्मार्टफोन को बनाना और उनपर मुनाफा कमाना काफी मुश्किल हो चुका है.

महंगे हो हए स्मार्टफोन

आपको बता दें कि पिछले कुछ समय से स्मार्टफोन की कीमतों में काफी इजाफा देखने को मिला है. 2026 की दूसरी तिमाही में भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट सालाना बेस पर 11.1 प्रतिशत घटकर 3.32 करोड़ यूनिट रह गया है.

इस गिरावट के पीछे का कारण ग्लोबल लेवल पर मेमोरी चिप की कमी बताई जा रही है. बता दें कि मेमोरी कंपोनेंट की कीमत बढ़ने से स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों ने भी डिवाइस की कीमतों में इजाफा किया है.

कंपनियों के लिए 4G फोन बना ऑप्शन

आपको बताते चलें कि बजट वाले 5G स्मार्टफोन भी अब महंगे हो चुके हैं जिसकी वजह से अब कई स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां 4G मॉडल को दोबारा से लॉन्च करने पर फोकस करने लगी हैं. इससे उन्हें कम कीमत वाले सेगमेंट में अपनी पकड़ बनाए रखने में काफी मदद मिल रही है.

5G महंगा हुआ तो 4G की ओर लौटे ग्राहक! बजट फोन की बढ़ी मांग

हालांकि, IDC के मुताबिक, ऐसा करने से लंबे समय तक मार्केट में बने रहना काफी मुश्किल होगा. मौजूदा 4G स्टॉक खत्म होने के बाद ग्राहकों के सामने या तो महंगा 5G फोन खरीदने या पुराने 4जी पर ही टिके रहने का ही ऑप्शन बच जाएगा.

आने वाले महीने होंगे और मुश्किल

IDC का मानना है कि 2026 के आने वाले महीनों में स्मार्टफोन मार्केट में और मुश्किल देखने को मिल सकती है. माना जा रहा है कि H2 में शिपमेंट में 15 प्रतिशत से भी ज्यादा गिरावट देखने को मिल सकती है. इस हिसाब से देखा जाए तो पूरे साल का स्मार्टफोन बाजार महज 130 मिलियन यूनिट पर सिमट के रह सकता है.

अगर मेमोरी चिप की कीमतें स्टेबल रहती हैं और फेस्टिव सीजन में मिड-प्रीमियम फोन की मांग में इजाफा होता है तो मार्केट में कुछ राहत देखने को मिल सकती है. लेकिन अगर मेमोरी चिप की कमी 2027 तक जारी रहती है तो स्मार्टफोन मार्केट में काफी गिरावट देखने को मिल सकती है.

स्मार्टफोन खरीदने में लोग कर रहे देरी

दरअसल, स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों के बावजूद लोग स्मार्टफोन को खरीदना बंद नहीं कर रहे हैं बल्कि खरीदने के समय को बढ़ा रहे हैं. आसान भाषा में बताएं तो जिस फोन को पहले लोग तुरंत खरीद लेते थे उसी फोन को खरीदने के लिए अब लोग ज्यादा समय ले रहे हैं.

ऐसे माहौल में 4G फोन की वापसी इस बात का संकेत है कि भारतीय बाजार में किफायती कीमत अभी भी सबसे बड़ा फैक्टर बनी हुई है. आने वाले महीनों में ये देखना दिलचस्प होगा कि 4G स्मार्टफोन में आया ये उछाल सिर्फ महंगे 5G की वजह से है या फिर इसकी फिर से मार्केट में वापसी हो सकती है.

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