[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


सावन की पहली मूसलाधार बारिश ने पानीपत प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है. शहर के ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त नजर आई. नालों की समय पर सफाई नहीं होने से बारिश का पानी सड़कों से होता हुआ दर्जनों फैक्ट्रियों में घुस गया. कई इकाइयों में तैयार माल, पैकिंग बॉक्स और कच्चा माल पानी में डूब गया, जिससे उद्योगपतियों को करोड़ों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ा. सबसे बड़ी चिंता यह रही कि एक्सपोर्ट के लिए तैयार शिपमेंट भी बारिश की भेंट चढ़ गईं.

गौरतलब है कि हरियाणा सरकार एक ओर उद्योगों को बढ़ावा देने और नई औद्योगिक नीतियों की बात कर रही है, लेकिन दूसरी ओर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक शहरों में शामिल पानीपत के इंडस्ट्रियल एरिया में मूलभूत सुविधाएं बदहाल हैं. मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश ने यह तस्वीर सबके सामने ला दी. ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें तालाब बन गईं और पानी का बहाव सीधे फैक्ट्रियों के अंदर पहुंच गया. कई जगह उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप हो गया.

फरीदाबाद: स्कूल में घुसकर महिला टीचर की हत्या, 2 घंटे में आरोपी गिरफ्तार

प्रशासन पर शिकायत को नजरअंदाज करने का आरोप

हरियाणा चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन विनोद धमीजा ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उद्योगपति लंबे समय से नालों की सफाई की मांग कर रहे थे, लेकिन शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया गया. उन्होंने कहा कि जाम नालों और खराब ड्रेनेज सिस्टम के कारण बारिश का पानी सीधे फैक्ट्री में घुस गया. उनकी इकाई को शुरुआती अनुमान के अनुसार 60 से 70 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. 

फैक्ट्री में पानी भरने से 50-60 लाख का नुकसान

उन्होंने कहा कि एक्सपोर्ट के लिए तैयार पैक्ड बॉक्स भी पूरी तरह खराब हो गए हैं. यदि यही स्थिति रही तो आने वाले समय में उद्योगों को और बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा. वहीं, साहिल इंटरनेशनल के डायरेक्टर साहिल ने कहा कि भारी बारिश ने पूरे ड्रेनेज सिस्टम की हकीकत उजागर कर दी है. फैक्ट्री परिसर में पानी भरने से उत्पादन रुक गया है और करीब 50 से 60 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. 

नाली चोक्ड होने से नहीं निकल पा रहा पानी

उन्होंने कहा कि नालों में प्लास्टिक और कचरा भरा होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही. पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हर सड़क पर पानी जमा है, जिससे उद्योगों का सामान्य संचालन भी प्रभावित हो गया है. बारिश के बाद ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में घंटों तक जलभराव और जाम की स्थिति बनी रही. उद्योगपतियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था और नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित नहीं की तो हर बारिश उद्योगों के लिए आर्थिक तबाही लेकर आएगी.

सोम नदी का बढ़ा जलस्तर, कई गांवों पर बाढ़ का खतरा; अलर्ट जारी



Source link