पंजाब में स्कूलों की स्थिति को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. पंजाब बीजेपी की ओर से जारी किए गए एक वीडियो को लेकर बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने पार्टी का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि वीडियो के जरिए पंजाब के सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की कोशिश की गई है.
स्कूलों के बाहर लगी लिस्ट में थी स्पेलिंग मिस्टेक
बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, “कुछ दिन पहले स्कूलों के बाहर जो लिस्ट लगाई गई थी, उसमें स्पेलिंग मिस्टेक थी. इसी को लेकर पंजाब बीजेपी ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें भगवंत मान को यह बताने की कोशिश की गई कि आपने स्कूलों की हालत क्या कर दी है.”
उन्होंने कहा, “स्कूलों की रंगाई-पुताई से शिक्षा बेहतर नहीं होती. जब शिक्षा का मूल ढांचा ही गड़बड़ हो, तो केवल स्कूलों को रंगने-पुतने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हो सकता.”
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में बवाल, छात्रों की पुलिस से धक्का-मुक्की
वीडियो को अलग रंग देने का लगाया आरोप
आरपी सिंह ने कहा, “वीडियो में भगवंत मान के साथ जो व्यक्ति दिखाया गया है, वह भी सिख है. लेकिन भगवंत मान की आम आदमी पार्टी असल मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए वीडियो को अलग रंग देने की कोशिश कर रही है.”
शिक्षकों और प्रिंसिपल की कमी का मुद्दा उठाया
उन्होंने कहा, “पंजाब के स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और कई स्कूलों में प्रिंसिपल तक नहीं हैं. लेकिन इन मुद्दों पर बात करने के बजाय असल मुद्दे से ध्यान भटकाया जा रहा है. अहम बात यह है कि हमें असल मुद्दे से भटकना नहीं चाहिए.”
बीजेपी का कहना है कि स्कूलों से जुड़े बुनियादी सवालों पर चर्चा होनी चाहिए. पार्टी ने शिक्षकों और प्रिंसिपलों की कमी को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा है. वहीं, वीडियो को लेकर उठे विवाद के बीच बीजेपी ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को बहस के केंद्र में रखने की बात कही है.
तरनतारन में ‘धड़क’ जैसा खूनी खेल, गुस्साए भाइयों ने की जीजा की हत्या