कर्मचारियों और पेंशनरों के DA मामले में पंजाब सरकार को झटका लगा है. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की अपील रद्द कर दी है. हाईकोर्ट ने सरकार को कर्मचारियों और पेंशनरों का DA अदा करने का आदेश दिया. पहले हाईकोर्ट ने सरकार को 30 जून तक DA देने का आदेश दिया था जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने अपील की थी.
सोमवार (3 अगस्त) को हाईकोर्ट ने इस अपील को रद्द करते हुए सरकार को कर्मचारियों का DA देने का आदेश दिया है. तकरीबन 6 लाख कर्मचरियों और पेंशनरों को सरकार को DA देना होगा. साथ ही हाईकोर्ट ने 6 प्रतिशत interest भी इस पर देने का आदेश दिया है. DA की पूरी अदायगी के लिए सरकार को तकरीबन 15000 करोड़ रुपए कहावत करने पड़ेंगे.
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सभी योग्य पेंशनरों को मिलेगा डीए
हाईकोर्ट ने अपने 14 मार्च के आदेश में सभी योग्य पेंशनरों को डीए देने का फैसला सुनाया था. कोर्ट ने कहा था कि डीए का फायदा सिर्फ याचिकाकर्ताओं तक ही नहीं बल्कि सभी योग्य पेंशनरों को दिया जाएगा. हाईकोर्ट ने तीन महीने के अंदर आदेश के पालन की रिपोर्ट पेश करने के लिए भी कहा था.
कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि आदेश के पालन में ढिलाई बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पेंशनर फिर से कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं. अब कोर्ट के इस फैसले के बाद सरकार ने डीए देने के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी. जिसको हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. इससे सरकार को एक बार फिर तगड़ा झटका लगा है.
याचिकाकर्ताओं की मांग पर कोर्ट ने दिया था आदेश
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की थी कि 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक संशोधित पेंशन का बकाया दिया जाए. इसके अलावा 1 जुलाई 2015 से केंद्रीय पैटर्न के अनुसार संशोधित डीए और देरी से भुगतान पर ब्याज भी देने की मांग की गई थी. इसको मंजूर करते हुए कोर्ट ने सरकार को डीए देने का आदेश दिया था. साथ ही 6 प्रतिशत ब्याज के साथ यह राशि भुगतान करने का फैसला सुनाया था.
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