पंजाब कांग्रेस में खींचतान के बीच पार्टी ने शनिवार (5 सितंबर) को बड़ा फैसला लेते हुए सभी को चौंका दिया है. पार्टी ने पंजाब कांग्रेस प्रभारी का कार्यभार संभाल रहे भुपेश बघेल को कार्य से मुक्त कर दिया है. भूपेश बघेल की जगह पार्टी ने सचिन पायलट को सूबे की कमान सौंप दी है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी के पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से एआईसीसी महासचिव और कई राज्यों के प्रभारी के रूप में दोबारा नियुक्त किया है. खरगे ने कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए फैसला लिया है. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी से हटाकर असम का प्रभारी महासचिव बनाया दिया है.
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पार्टी ने कई पदाधिकारियों को बदला
कांग्रेस पार्टी ने सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ का इंचार्ज बनाया है. कांग्रेस अध्यक्ष ने तुरंत प्रभाव से पार्टी के कई पदाधिकारियों को राज्यों के लिए AICC महासचिव और प्रभारी के तौर पर फिर से नियुक्त किया है. इसमें रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का महासचिव प्रभारी, डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र का प्रभारी, पी. वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया है.
वहीं कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला कर्नाटक के महासचिव प्रभारी के तौर पर अतिरिक्त ज़िम्मेदारी भी संभालेंगे. कांग्रेस ने कहा कि पार्टी इन निवर्तमान महासचिवों और प्रभारियों के योगदान की सराहना करती है. वहीं जितेंद्र सिंह, रमेश चेन्निथला, मणिकम टैगोर, मुकुल वासनिक AICC महासचिव के तौर पर काम करते रहेंगे.
पंजाब में खींचतान के बीच लिया गया बड़ा फैसला
बता दें कि पंजाब कांग्रेस में बीते कई दिनों से सियासी घमासान जारी है. पार्टी के अंदर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग गुट के बीच मतभेद नजर आ रहे हैं. इस मामले को लेकर भूपेश बघेल ने दोनों गुटों के नेताओं से पंजाब में जाकर कई बार मुलाकात की थी.
भूपेश बघेल की मुलाकात के बाद भी चन्नी और वडिंग गुट के बीच विवाद नहीं सुलझता हुआ दिखाई दिया. इस बीच कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में शुक्रवार को पार्टी नेताओं संग बैठक की थी. इसके ठीक एक दिन बाद अब भूपेश बघेल को पंजाब से हटाकर असम की जिम्मेदारी दे दी गई है.
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