Thursday, 06 Aug 2026
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Which Snakes Enter House First In Rain: बारिश शुरू होते ही घर के आसपास सांप दिखाई देने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. खासकर तेज बारिश के बाद सांप खेत, झाड़ियों और अपने बिलों से निकलकर सूखी और सुरक्षित जगह तलाशने लगते हैं. बिलों में पानी भरने के साथ चूहे और मेंढक जैसे जीव भी घरों के आसपास आने लगते हैं, जिनकी तलाश में सांप भी आबादी वाले इलाकों तक पहुंच सकते हैं. यही वजह है कि मानसून के दौरान घर, स्टोर रूम, सीढ़ियों के नीचे, बगीचे और नालियों के आसपास सांप मिलने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में सवाल उठता है कि बारिश में कौन से सांप घरों के आसपास ज्यादा दिखाई दे सकते हैं और इनसे बचने के लिए क्या करना चाहिए?

बारिश में घर में आ सकता है कॉमन करैत

मानसून के दौरान कॉमन करैत को लेकर खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है. यह बेहद जहरीला सांप है और आमतौर पर रात के समय ज्यादा सक्रिय रहता है. यह अंधेरी और शांत जगहों में छिप सकता है और चूहों की तलाश में घरों के आसपास भी पहुंच सकता है. 

करैत का काटना खासतौर पर खतरनाक माना जाता है, क्योंकि कई बार इसके काटने पर शुरुआत में ज्यादा दर्द महसूस नहीं होता. इसका जहर नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर सकता है और गंभीर स्थिति में सांस लेने में परेशानी तथा लकवा जैसी समस्या पैदा हो सकती है. इसलिए रात के समय घर के अंधेरे हिस्सों में बिना रोशनी के जाने से बचना चाहिए.

Snakes In Monsoon: मानसून में घर के पास क्यों आते हैं जहरीले सांप? जानें बचाव के तरीके

इंडियन कोबरा भी पहुंच सकता है घर के पास

इंडियन कोबरा भारत में पाए जाने वाले सबसे पहचाने जाने वाले जहरीले सांपों में शामिल है. बारिश के दौरान इसके प्राकृतिक ठिकानों में पानी भरने पर यह सूखी जगह की तलाश में बाहर निकल सकता है. खेतों, खुले मैदानों, बगीचों और इंसानी बस्तियों के आसपास भी कोबरा देखा जा सकता है. कोबरा का जहर नर्वस सिस्टम पर असर डालता है. इसके काटने पर सांस लेने में परेशानी जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है. घर के आसपास चूहे ज्यादा हैं तो सांपों के आने की संभावना भी बढ़ सकती है, क्योंकि चूहे कई सांपों का शिकार होते हैं.

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रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर से भी रहें सावधान

रसेल वाइपर आमतौर पर घास वाले इलाकों और खेतों में पाया जाता है. इसका शरीर मोटा होता है और पीठ पर गहरे रंग के अंडाकार निशान दिखाई देते है. इसका जहर खून और शरीर के ऊतकों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है.

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वहीं, सॉ-स्केल्ड वाइपर आकार में छोटा होता है और रेतीले, सूखे तथा झाड़ियों वाले इलाकों में ज्यादा पाया जाता है. बारिश में घर के आसपास घास, झाड़ियां या सामान का ढेर है तो ऐसी जगहों पर हाथ-पैर रखने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.

घर के आसपास सांप होने के ये हो सकते हैं संकेत

सांप हमेशा सीधे दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। कई बार घर के आसपास कुछ संकेत उसकी मौजूदगी की तरफ इशारा कर सकते हैं. सांप की उतरी हुई केंचुल इनमें सबसे आसानी से पहचाने जाने वाले संकेतों में से एक है.यह पुराने फर्नीचर के पीछे, लकड़ी के ढेर, बगीचे के कचरे या शांत कोनों में मिल सकती है. धूल या मिट्टी में लहरदार निशान भी किसी सांप के गुजरने का संकेत हो सकते हैं. ये निशान स्टोर रूम, गैराज या ऐसी जगहों पर ज्यादा आसानी से दिखाई देते हैं जहां लोगों का आना-जाना कम होता है. किसी अंधेरे कोने से फुफकार जैसी आवाज सुनाई दे तो वहां खुद जाकर जांच करने से बचें.

घर में सांप घुसने से कैसे बचाएं?

मानसून शुरू होने से पहले घर के आसपास की सफाई पर खास ध्यान देना चाहिए. बड़ी घास और झाड़ियों को समय-समय पर साफ करें। लकड़ी, पुराने डिब्बे, ईंट और बेकार सामान का ढेर घर की दीवार से लगाकर न रखें. ऐसी जगहें सांपों को छिपने के लिए सुरक्षित ठिकाना दे सकती हैं. दरवाजों के नीचे ज्यादा खाली जगह है तो उसे बंद करें. दीवारों में मौजूद दरारों और छेदों को भी ठीक करवाएं. नालियों और पाइप के खुले हिस्सों को उचित जाली से सुरक्षित किया जा सकता है. घर में चूहों की समस्या है तो उसे भी नियंत्रित करना जरूरी है.

रात में बाहर निकलते समय टॉर्च या पर्याप्त रोशनी का इस्तेमाल करें. बगीचे में काम करते समय बंद जूते और दस्ताने पहनना बेहतर है. पत्तियों, लकड़ियों या पुराने सामान के ढेर में सीधे हाथ डालने से बचें.

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